किसी को बदलने के लिए कहने से पहले, खुद को बदलना जरूरी है। इसे चरितार्थ करते हुए प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव सोमवार को साइकिल पर सचिवालय पहुंचे। देव के साइकिल से आने की किसी को भनक तक नहीं लगी। जब वह निजी सुरक्षाकर्मी के साथ सचिवालय पहुंचे तो हर कोई उन्हें देखता रह गया। इससे पहले शुक्रवार को भी देव साइकिल से ही सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन यह विजिट गो ग्रीन साइकिल क्लब ने आयोजित करवाई थी।
दूसरे अधिकारियों को ऐसे निर्देश देने के बजाय उन्होंने खुद ही साइकिल पर आना शुरू कर मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि देव रोज सुबह साइकिल से ऑफिस आएंगे। फिर दोपहर को लंच के लिए भी साइकिल से ही जाएंगे। दोपहर बाद कई मीटिंग, शहर में दौरे और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जाना होता है।
इसलिए दोपहर बाद ही वह गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। सोमवार को लोगों से मिलने के बाद जब सलाहकार दोपहर का भोजन करने निकले तो उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने शुरुआत की है, दूसरे अधिकारी भी पहल करेंगे। दूसरों को कहने से पहले वह खुद साइकिल से ही सफर करेंगे।
राजस्व और मैनपावर बचेगी
अमूमन सलाहकार की गाड़ी को आगे और पीछे से दो एस्कार्ट गाड़ियां कवर कर चलती हैं। आने जाने के दौरान उनकी सुरक्षा में 15 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहते हैं। साइकिल पर आने से इन तीनों गाड़ियों का फ्यूल बच रहा है। साथ ही 15 लोगों का स्टाफ कहीं और लगाया जा सकता है। देव साइकिल पर बिना एस्कॉर्ट केवल एक निजी सुरक्षाकर्मी के साथ पहुंचे। सुरक्षाकर्मी भी उनके साथ-साथ साइकिल पर चला।
वित्त सचिव ने कभी नहीं ली एस्कार्ट
वित्त सचिव सर्वजीत सिंह ने भी कभी एस्कॉर्ट नहीं रखी। हालांकि उनके प्रोटोकोल में एस्कार्ट का प्रावधान है। लेकिन वह पदभार संभालने के बाद से अब तक बिना एस्कॉर्ट के ही चल रहे हैं।
कोट्स...
सिटी ब्यूटीफुल में साइकिलिंग के लिए उचित माहौल है। पर्यावरण को बचाने के लिए यह पहल की है। उम्मीद है कि दूसरे अधिकारी भी खुद इससे जुड़ेंगे।
-विजय कुमार देव, सलाहकार, चंडीगढ़।