चावला ने बताया कि केंद्र का कहना है साइकिल के पीछे रिफलेक्टर न होने से रोड पर एक्सीडेंट हो रहे हैं। ऐसे में रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। दूसरा यह कि साइकिल पर अगर रिफलेक्टर नहीं लगा होगा तो दो लाख रुपये तक जुर्माना साइकिल निर्माता पर लगेगा। चावला ने कहा कि साइकिल के साथ रिफलेक्टर भेजा जाता है। अगर साइकिल एजेंट उस पर रिफलेक्टर न लगाए तो जुर्माना उन्हें क्यों लगाया जाए? उन्होंने कहा कि यह गलत कानून है।
इसलिए ये नियम हटाए जाए। साइकिल इंडस्ट्री खुद चाहती है कि साइकिल पर रिफलेक्टर लगे। लेकिन रिफलेक्टर भी बाजार में नहीं हैं। केंद्र ने रिफलेक्टर बनाने के लिए तीन कंपनियों को कहा है। इंडस्ट्री इसका विरोध करती है। आखिरकार तीन घरानों को रिफलेक्टर बनाने की इजाजत दी जा रही है। अन्य कपंनियों को रिफलेक्टर बनाने का काम दिया जाए। इससे रिफलेक्टर का निर्माण जल्द होगा और खपत पूरी होगी।
उन्होंने कहा केंद्र सरकार इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए काम करे न की इंडस्ट्री बंद करने का काम करे। चावला ने कहा कि भाजपा नेताओं ने उनकी मांगों को लेकर जल्द जल्द से दिल्ली में जाकर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया है। यह भी कहा कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो दोबारा संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।
इस दौरान भाजपा प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता ने कहा कि लुधियाना की इंडस्ट्री को दूसरे राज्य में जाने नहीं दिया जाएगा। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साइकिल इंडस्ट्री की जो समस्या है, उसे हल करवाया जाएगा। जिला प्रधान रजनीश धीमान ने कहा कि साइकिल इंडस्ट्री लुधियाना का गौरव है। किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।