अमृतसर पुलिस की यातनाओं से परेशान शिमलापुरी निवासी जतिंदर सिंह (25) ने सोमवार सुबह धुरी लाइन पर ट्रेन के आगे कटकर जान दे दी। यह आरोप जतिंदर सिंह के परिजनों ने लगाया है। वहीं मामले की जानकारी मिलते ही थाना जीआरपी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
परिजनों का आरोप है कि आत्महत्या से पहले जतिंदर सिंह ने अपने चाचा बोबी को फोन कर पुलिस की यातनाओं की जानकारी दी और अमृतसर के पुलिस मुलाजिमों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जतिंदर सिंह के भाई इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उसका छोटा भाई राजविंदर रात के समय क्रेन चलाने का काम करता था। उसके अमृतसर की किसी नाबालिग लड़की से संबंध थे। वह कुछ समय पहले उसे भगाकर ले गया। इसके बाद अमृतसर पुलिस लगातार उसके परिवार को तंग कर रही थी।
जतिंदर सिंह और उसके पिता से लगातार उसके भाई राजविंदर के बारे में पूछताछ की जा रही थी लेकिन हर बार उन्हें यही कहा जाता था कि उन्हें राजविंदर के बारे में कुछ पता नहीं है। इंद्रजीत ने आरोप लगाया कि अमृतसर पुलिस ने पूछताछ के दौरान जतिंदर के साथ मारपीट की और करंट तक लगाया लेकिन उसे कुछ पता ही नहीं था कि राजविंदर कहां है। मगर पुलिस ने फिर भी उसे काफी टार्चर किया, जिससे तंग आकर सुबह उसने आत्महत्या कर ली।
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ट्रेन के आगे कूदने से पहले उसने अपने चाचा बोबी को फोन किया कि वह अब जिंदा नहीं रह सकता। जिसके बाद उसने चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। थाना जीआरपी के एसएचओ इंस्पेक्टर दिपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।