डिप्रेशन का इलाज करवाने आए एक युवक ने मंगलवार को जीएमसीएच 32 के बी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। युवक पहली बार अस्पताल के मनोचिकित्सक विभाग में इलाज करवाने आया था।
मगर उसने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवाई थी। जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह सुसाइड करने की सोचकर ही आया था। पुलिस फिलहाल सभी एंगल पर जांच कर रही है।
चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद से रिटायर दान सिंह ने बताया कि उसका बेटा जतिंदर (31) डिप्रेशन से पीड़ित था। उसका कई दिनों से इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे जीएमसीएच-32 में इलाज करवाने की बात कहकर वह घर से निकला था। करीब 12 बजे उसकी मौत की सूचना मिली।
साइक्रेट्री डिपार्टमेंट की ओपीडी बी ब्लॉक के चौथी मंजिल पर स्थित है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जितेंद्र पहले ओपीडी पहुंचा होगा। उसके बाद वह पांचवीं मंजिल पर आत्महत्या के लिए पहुंच गया। करीब सवा 11 बजे वह जीएमसीएच-32 की पांचवीं मंजिल से कूद गया।
जमीन पर गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। तुरंत उसे इमरजेंसी में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। जीएमसीएच-32 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट राम सिंह ने बताया कि मरीज का फिलहाल हॉस्पिटल से कोई रिकार्ड नहीं मिला है।
शायद वह पहली बार इलाज करवाने आया था। मनोचिकित्सक विभाग के एचओडी डॉ. बीएस चवन ने बताया कि डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड मरीजों का रिकार्ड खंगाला गया, लेकिन युवक का कोई रिकार्ड नहीं मिल पाया।