सात वर्षीय बेटे को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चर डेवलपमेंट अफसर के पद पर तैनात रमनप्रीत कौर ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल आत्महत्या कर ली। हैरानी की बात यह है कि रमनप्रीत कौर ने जहरीला पदार्थ घर पर नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के अंदर लैब में निगला और वहीं गिर गईं। जब देर शाम तक दोनों घर नहीं पहुंचे तो रमनप्रीत के पति उन्हें देखने वहां पहुंचे तो वह दोनों नीचे पड़े मिले। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने के बाद थाना पीएयू की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों को डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां दोनों की सोमवार देर शाम मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार वालों को सौंप दिए हैं। थाना पीएयू के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने बताया कि रमनप्रीत कौर मूलरूप से मोगा की रहने वाली थीं।
उनका सात साल का बेटा है जिसकी पहचान दीप सिंह के रूप में हुई है। यहां पर वह अपने पति जीवनजोत सिंह के साथ न्यू मॉडल टाउन इलाके में रहती थीं। रमनप्रीत पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चर डेवलपमेंट अफसर के तौर पर काम कर रही थीं। किसी कारण से वह परेशान चल रहीं थीं। स्कूल में छुट्टी होने की वजह से वह अपने साथ बेटे को भी लेकर जाती थीं।
सोमवार को जीवनजोत सिंह ने दोनों को पीएयू छोड़ा और खुद अपने बैंक चले गए। पुलिस के मुताबिक मृतक रमनप्रीत कौर अक्सर तीन बजे तक घर पहुंच जाती थीं। सोमवार को वह नहीं पहुंचीं तो जीवनजोत सिंह ने फोन करना शुरू कर दिया। जब रमनप्रीत ने फोन नहीं उठाया तो वह देर शाम पीएयू की लैब में पहुंचे, जहां दोनों नीचे पड़े मिले। उन्होंने स्टाफ को बुलवाया और दोनों को उठाकर अस्पताल ले गए। इंस्पेक्टर गुरप्रीत ने बताया कि अभी तक की जांच में यही सामने आ रहा है कि महिला ने बेटे को पहले जहरीला पदार्थ खिलाया और उसके बाद खुद भी पी लिया। कारण क्या था अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच की जा रही है।