संदेह न हो फर्जी दस्तावेजों पर करवाए साइन
विजिलेंस जांच में सामने आया कि आरोपी काफी शातिर था। पीड़ित को उस पर संदेह न हो इसके लिए लिए उसने फर्जी दस्तावेज तक बनाए थे। इतना ही नहीं आरोपी ने जाली नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेजों भी उससे भरवा लिए थे। साथ ही दावा कि फाइल अब प्रोसेस में चल रही है।
अपनी तरह का पहला मामला
इससे पहले विजिलेंस भ्रष्टाचार से जुड़े कई केस दर्ज कर चुकी है। हालांकि यह अपनी तरह का पहला मामला है। जहां पर सीधे सीएमओ में नौकरी दिलाने के नाम पर व्यक्ति को ठगने की कोशिश की गई है। इससे पहले विजिलेंस ने खरड़ के एक दुकानदार को दबोचा था, जो कि पहले आरटीआई से सवाल पूछता था। इसके बाद जानकारी हासिल कर अधिकारियों को परेशान करता था। साथ ही उनसे मोटी रकम वसूलता था।
गत वर्ष 129 भ्रष्टाचार के केस दर्ज किए थे
विजिलेंस ब्यूरो ने गत वर्ष भ्रष्टाचार से जुड़े 129 केस दर्ज कर 172 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें 30 पुलिस मुलाजिम व 13 राजस्व विभाग से जुडे़ अधिकारी शामिल थे। जबकि सीएम हेल्पलाइन पर 3.72 लाख शिकायतें पहुंची थीं। इसके अलावा विजिलेंस कई पूर्व मंत्रियों व अधिकारियों को काबू किया था।