सिविल अस्पताल में जांच करती विजिलेंस टीम।
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बठिंडा सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर एनपी सिंह को सोमवार विजिलेंस की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने 326 का केस बनाने के संबंध में निर्मल सिंह निवासी गुरुसर सैणेवाला से 10 हजार रुपये रिश्वत लेनी थी। इसमें से पांच हजार रुपये डॉक्टर ने रविवार रात ले लिए थे और सोमवार को बाकी रिश्वत की रकम लेते विजिलेंस के हत्थे चढ़ गया। वहीं, विजिलेंस ने डॉक्टर एनपी सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि निर्मल सिंह निवासी गांव गुरुसर सैणेवाला जिला बठिंडा ने विजिलेंस के पास डॉक्टर एनपी सिंह के खिलाफ शिकायत दी थी कि लड़ाई झगड़े के केस में धारा 326 बनाने के संबंध में मेडिकल लीगल रिपोर्ट तैयार करने हेतु उक्त डॉक्टर ने उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। इसमें से पांच हजार रुपये रिश्वत ले ली है और बाकी पांच हजार रुपये लेने बाकी हैं।
विजिलेंस प्रवक्ता ने बताया कि उक्त शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाकर डॉक्टर एनपी सिंह को शिकायतकर्ता से रिश्वत की बाकी रकम पांच हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त डॉक्टर से रिश्वत की पूरी रकम 10 हजार रुपये बरामद करके उसके खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट के तहत केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी निशाने पर
सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस द्वारा जिस डॉक्टर एनपी सिंह को रिश्वत लेते पकड़ा गया है, उसका एक खास चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी विजिलेंस की नजरों में है। उस पर विजिलेंस लगातार नजर रख रही है। सूत्रों ने बताया कि उक्त कर्मी से विजिलेंस पूछताछ कर सकती है। हालांकि इस बारे में विजिलेंस के किसी भी अधिकारी ने कोई पुष्टि नहीं की है।