दंपति ने नौकरी पाने के लिए इतना शर्मनाक काम किया, जानेंगे तो आप भी शर्मसार हो जाएंगे। दरअसल शिक्षा विभाग में दो संस्कृत अध्यापकों के भी फर्जी तरीके से नौकरी पाने का मामला सामने आया है।
दोनों रिश्ते में पति-पत्नी हैं और उन्होंने 1998 में दो माह के अंदर जिले सरकारी स्कूलों में संस्कृत अध्यापक के पद पर ज्वाइन किया था। पति ने तो ओटी भी जनरल कोटे से की थी और इस दौरान एससी कोटे के सारे फंड लिए थे।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है और चार्जशीट निदेशालय को भेज वैट करने की मांग की है। जिसके बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने राजकीय सीसे स्कूल छाजपुर में तैनात संस्कृत अध्यापक तेजबीर सिंह व राजकीय सीसे स्कूल खोतपुरा में तैनात संस्कृत अध्यापिका पूनम रानी को सस्पेंड कर दिया है।
डीईईओ ने दोनों की चार्जशीट को हाल ही में निदेशालय को भेजा है और वैट करने की मांग की है। डीईईओ द्वारा 43 जेबीटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के बाद दोनों संस्कृत अध्यापकों की कारगुजारी भी सबके सामने आ गई।
दोनों ने दो माह के अंदर किया था ज्वाइन
जिला मौलिक शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार तेजबीर व पूनम रानी पति-पत्नी हैं और दोनों ने 1998 में दो माह के अंतराल में जिले में संस्कृत अध्यापक के पद पर ज्वाइन किया था। तेजबीर ने राजकीय सीसे स्कूल बड़ौली में 24 जुलाई 1998 व पूनम रानी ने 21 मई 1998 को ज्वाइन किया था।