आरोपियों से बरामद हथियार।
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यह हथियार गैंगस्टरों के पास से मिले
आरोपियों से चार पिस्तौल (तीन .32 बोर पिस्तौल और एक .30 बोर पिस्तौल) और छह मैगजीन व 16 कारतूस मिले हैं। आरोपियों से एक मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया गया है।
दो दिन में मोहाली से दूसरा गैंगस्टर गिरोह काबू
पंजाब पुलिस को दो दिनों में मोहाली में दूसरी बड़ी सफलता मिली है। इससे पहले खरड़ सब डिवीजन में खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के दो गुर्गों को पुलिस ने दबोचा था। दोनों अर्श डल्ला के करीबी थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। करीब एक साल में एजीटीएफ ने लगभग 170 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया और 582 से अधिक अपराधियों को दबोचा है। 586 हथियार और 131 वाहन पकड़े थे।
मोहाली बना अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना
मोहाली गैंगस्टरों और अपराधियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। दरअसल, जिले की सीमा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़ी है। जिले के तीनों सब डिवीजन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी में खाली पड़े 16 हजार से अधिक फ्लैट हैं। ये गैंगस्टरों को आसानी से किराये पर मिल जाते हैं। वारदातों को अंजाम देने के बाद वह किसी भी राज्य में आसानी से निकल जाते हैं।