अंदाजा न होने के कारण गहरे पानी में चले गए और डूबकर उनकी जान चली गई। वहीं परिजनों ने बताया कि मुकेश का विवाह डेढ़ महीने पहले ही हुआ था। ब्लाक समिति सदस्य रविन्द्र शर्मा ने बताया कि अमित के पिता की चार साल पहले मौत हो चुकी है। तीन भाइयों में अमित सबसे बड़ा था और घर में अकेला कमाने वाला था। पुलिस ने मामला दर्ज करके सिविल अस्पताल नूरपुर में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले कर दिए हैं।
नहाने गया दो बहनों का इकलौता भाई बहा
उधर, पठानकोट-सुजानपुर रोड पर नए पुल के पास नहाने गया 18 वर्षीय युवक माधोपुर ब्यास लिंक नहर में बह गया। युवक का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। युवक की पहचान आनंदपुर निवासी मानिक मेहरा के तौर पर हुई है। घटना सोमवार दोपहर की है। मंगलवार दोपहर बाद तक गोताखोर युवक की तलाश में जुटे रहे।
मंगलवार दोपहर को परिवार के सब्र का बांध टूट गया। परिवार ने विधायक, प्रशासन और पार्षद के खिलाफ नाराजगी जताई। मानिक के पिता मुलख राज ने बताया कि सोमवार दोपहर मानिक अपने दो दोस्तों के साथ नहर पर नहाने आया था। जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा तो उन्होंने उसे खोजना शुरू किया। उसके साथ नहाने गए युवकों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उन तीनों ने एक साथ नहर में छलांग लगाई थी लेकिन मानिक बाहर नहीं निकला।
वहीं, परिवार का आरोप है कि हादसे को 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन प्रशासन ने न तो नहर का पानी कम करवाया और न ही गोताखोरों का प्रबंध किया। शाम करीब चार बजे गोताखोर पहुंचे हैं। मानिक के मामा विजय कुमार ने कहा कि पुलिस से किसी तरह का सहयोग नहीं मिला। वह खुद कई किलोमीटर दूर तक नहर में छानबीन कर चुके हैं लेकिन मानिक का कुछ पता नहीं चला। वहीं, पार्षद चरणजीत सिंह ने बताया कि मानिक दो बहनों का इकलौता भाई था। वह पढ़ाई के साथ-साथ खानपुर के बर्फ कारखाने में काम भी करता था।