तीनों विद्यार्थियों के साथी भी आगे चल रहे थे, जो कुछ देर बाद अपने साथियों को वापस देखने आए तो पता चला कि उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। तीनों छात्र की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिवार वालों को सूचना दी और रात को ही परिजन जालंधर पहुंचे। बुधवार को तीनों का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल से करवाकर शव उनके परिवार वालों को सौंप दिये गए हैं।
एक साथ हुआ पोस्टमार्टम, परिवारों में मचा कोहराम
हरकुलदीप सिंह के पिता प्रोफेसर बलविंदर सिंह बटाला पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाते हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वह सिविल अस्पताल के मोर्चरी के बाहर खड़े थे और अंदर बेटे का पोस्टमार्टम हो रहा था। बलविंदर सिंह कहते हैं कि हरकुलदीप सिंह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल था और हमेशा सकारात्मक सोच वाला था।
रोते हुए कहते हैं कि मेरी तो बुढ़ापे की लाठी टूट गई। वहीं तेजपाल सिंह के पिता अजीत सिंह एलआईसी बठिंडा में हैं। तेजपाल सिंह निवासी शहीद जरनैल सिंह गुरु नानकपुर बठिंडा का रहने वाला है और जालंधर में एमबीबीएस का विद्यार्थी था। पिता अजीत सिंह व उनके रिश्तेदार अस्पताल में रो रहे थे कि उनका होनहार लाडला छोड़कर चला गया। विनीत कुमार जैन पुत्र कमल कुमार जैन घग्गा पांतड़ा पटियाला का रहने वाला था। उसके पिता कमल जैन शैलर चलाते हैं और उनका इलाके में खासा रसूख है। अस्पताल में माहौल गमगीन था।