जींद हेड क्वार्टर पर तैनात हिसार निवासी डीएसपी धर्मबीर की मां व दोस्त के परिवार को उनका ‘विश्वासपात्र नौकर’ नशीली चाय पिलाकर घर में हाथ साफ कर गया। हालांकि मौके पर अचानक डीएसपी की पत्नी व उनकी सहेली के घर पहुंच जाने के चलते नौकर एक मोबाइल ही ले जा पाया।
आशंका जताई जा रही है कि अगर सही वक्त पर महिलाएं घर नहीं पहुंचती तो नौकर बड़ी वारदात को अंजाम दे देता। घर के अंदर जब महिलाएं पहुंची तो सभी लोग बेहोश मिले। मामले की शिकायत डीएसपी के घर आए उसके दोस्त के परिवार ने दी है।
शिकायत में डीएसपी के दोस्त के परिवार के सदस्य सिरसा के सेक्टर 20 निवासी संजय ने बताया है कि वे सेक्टर 14 हिसार में डीएसपी धर्मबीर के घर गए हुए थे। डीएसपी की पत्नी उनकी दोस्त की पत्नी के साथ अपने मायके चलीं गई। घर में एक नौकर खाना बनाने के लिए रखा हुआ था। डीएसपी ड्यूटी पर जींद गए हुए थे।
नौकर ने खाना बनाया और उसके बाद सभी को चाय पिलाई। चाय पीने के बाद घर में मौजूद संजय, सिद्धार्थ पूनिया, यशवर्धन व डीएसपी की बुजुर्ग मां गिन्नी देवी बेहोश हो गई। मामला 4 जनवरी दोपहर 1 बजे का था।
तिजोरियां तोड़ने का था प्लान
परिजनों ने डॉक्टर बुलाकर चारों लोगों का इलाज करवाया। सिटी पुलिस ने नेपाल के ताकूकोट गोरखा निवासी नेपाली कुमार के खिलाफ नशीला पदार्थ पिलाकर चोरी करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
बताया गया है कि डीएसपी ने यह नौकर काफी समय से रखा हुआ था। उस पर परिवार को पूरा विश्वास भी था। जब सुबह डीएसपी की पत्नी अपनी सहेली के साथ मायके चलीं गई तो नौकर ने घर में मौजूद चार लोगों को बेहोश कर तिजोरियां तोड़ने का प्लान बनाया। लेकिन उम्मीद से पहले सहेली संग डीएसपी की पत्नी के आ जाने पर नौकर ने डीएसपी का मोबाइल उठाया और वहां से फुर्र हो गया।
दूसरों को नसीहत, खुद अमल नहीं
आम पब्लिक को नौकरों का रजिस्ट्रेशन करवाने की नसीहत देने वाली पुलिस खुद ही वर्दी की हनक में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं करती। जिस नौकर ने वारदात को अंजाम दिया, उसका न तो वेरीफिकेशन कराया गया है, न ही उसका कहीं रजिस्ट्रेशन है।
डीएसपी व उसके परिवार को अपने ‘विश्वासपात्र नौकर’ का असली नाम तक पता नहीं है। शिकायत में भी उसका नाम नेपाली कुमार लिखाया गया है।