तरनतारन के गांव ठक्करपुरा के कैथोलिक चर्च पर हमले के मामले में गुरुवार को जिला पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पांच लोगों की शिनाख्त करवा इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पुलिस ने आरोपियों के स्केच भी बनवाए हैं लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। उल्लेखनीय है कि गांव ठक्करपुरा स्थित कैथोलिक चर्च पर मंगलवार देर रात चार लोगों ने हमला कर मूर्तियों को खंडित करने के साथ ही पादरी की बोलेरो गाड़ी को आग लगा दी थी।
मामले में एसएसपी रंजीत सिंह ढिल्लों ने एसपी विशालजीत सिंह की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया है। एसएसपी रंजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि चर्च पर हमले के मामले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। करीब 18 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, आठ गांवों के संदिग्ध लोगों, तस्करों व आपराधिक घटनाओं में शामिल लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाला गया है।
जांच में फिंगर प्रिंट, डाग स्क्वायड की टीम विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया गया। आखिर में साइबर क्राइम सेल की विशेष टीम को बुलाकर वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों के स्केच तैयार किए गए। स्केच में आरोपियों की पीठ और साइड पोज ही दिखाई दे रहा है। आरोपियों ने आपस में कोई बात नहीं की थी। चेहरा न दिखाई देने के कारण व आवाज का पता न चलने कारण आरोपियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है।
चर्च बेअदबी मामला: कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग पहुंचे तरनतारन
चर्च के अंदर हुई बेअदबी के बाद ईसाई समाज के लोगों में तनाव का माहौल है। इसी बीच शुक्रवार को कांग्रेस पंजाब प्रधान राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी तरनतारन पहुंचे। उन्होंने चर्च के पदाधिकारियों से मुलाकात की। राजा वड़िंग ने इस दौरान पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि वे सभी डीजीपी पंजाब से मिलेंगे और इस मामले की हाई लेवल कमेटी बनाकर जांच की मांग करेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
एक महीने पहले चर्च की फटी थी फ्लैक्स
शुक्रवार तरनतारन पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने एक बात का खुलासा किया कि चर्च में हुई घटना से कुछ दिन पहले चर्च की फ्लैक्स को किसी अज्ञात ने जानबूझ कर फाड़ दिया था। चर्च अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने उस शिकायत की तरफ ध्यान नहीं दिया। कुछ दिनों बाद ही चर्च में बेअदबी की घटना हो गई। कांग्रेस प्रधान ने उस घटना को भी साथ जोड़कर जांच करने की मांग की है।