थाना मनीमाजरा में वायरलेस ऑपरेटर के तौर पर तैनात महिला कांस्टेबल सरोज
(25) ने फंदा लगाकर जान दे दी। सरोज गले में चुनी
बांधकर पंखे से लटक गई थी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने सरोज को फंदे से
उतरा और शव कब्जे में लिया।
सरोज ने फंदा थाने से कुछ ही दूरी पर दर्शनी
बाग स्थित कमरे में लगाया था। सरोज दर्शनी बाग मोहल्ले के मकान नंबर-125 की
दूसरी मंजिल पर किराये के कमरे में छोटे भाई रोहित (19) के साथ रहती थी।
सरोज जिला करनाल के गांव गगसीन की रहने वाली थी।
पापा ने देखा, फंदे पर लटकी थी बिटिया
सरोज
के पिता राज सिंह ने मंगलवार को सुबह सात बजे जब बेटी को फंदे पर लटका
देखा तो दिल दहल गया। पिता राज सिंह सोमवार को गांव से उसे मिलने आए थे।
पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह सुबह 6 बजे उठे तो उनकी बेटी ने
कहा कि आप दूध ले आओ। इसके बाद उनका बेटा रोहित पेपर देने चला गया।
राज
सिंह ने बताया कि बाहर से आने के बाद कमरे का दरवाजा बंद होने के कारण वह
बाहर चारपाई पर बैठे गए। काफी देर तक दरवाजा न खुलने के बाद उन्हें शक हुआ
और उन्होंने दरवाजा खुलवाना चाहा तो वह नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा तोड़कर
देखा तो सरोज पंखे से लटकी हुई थी।
इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस
ने शव को कब्जे में लेकर दोपहर बाद उसका पोस्ट मार्टम कर परिजनों के हवाले
कर दिया। पिता शव लेकर अपने गांव चले गए हैं।
साथियों ने कहा, कई दिनों से थी डिप्रेशन में पुलिस
सूत्रों के अनुसार सरोज काफी समय से डिप्रेशन में थी। उनके साथ काम करने
वाले सभी पुलिस कर्मचारियों के अनुसार लंबी ड्यूटी की टेंशन से सभी मुलजिम
डिप्रेशन में आ रहे हैं। सरोज भी इसी डिप्रेशन में थी। वहीं उसके पिता ने
पुलिस को यह भी बयान दिया है कि सरोज बीमार चल रही थी। उसे टाइफाइड भी हुआ
था। जिसके चलते वह डिप्रेशन में चल रही थी।
तीन महीने पहले थाने के पास पर्स छीना था तीन
महीने कांस्टेबल सरोज का थाने के समाने से दो बाइक सवार पर्स छीनकर भाग गए
थे। उस समय सरोज शाम को थाने से ड्यूटी खत्म कर घर जा रही थी। थाने के गेट
से कुछ ही दूरी पर बाइक सवार उसके हाथ से उसका पर्स छीनकर फरार हो गए थे।
साथ में काम करने वाली कांस्टेबलों का कहना कि उस समय भी इस घटना को लेकर
वही काफी समय तक डिप्रेशन में रही।