जगरांव में शादी वाले घर में घुसकर दो नकाबपोश लुटेरे द्वारा 2 वर्ष के छोटे बच्चे की गर्दन पर चाकू रख डेढ़ लाख नकद और दो लाख के सोने चांदी के जेवरात लूटकर फरार होने की सारी कहानी झूठी थी।
ताजुद्दीन के परिवार ने बेटी के दोस्त को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए खुद ही लूट का ड्रामा रचा था। पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये और सोना चांदी के गहने भी शिकायतकर्ता ताजुद्दीन के परिवार से बरामद कर लिए हैं। परिवार के मुखिया ताजुद्दीन की शिकायत पर ही 18 जून को जगरांव सिटी थाना में लूट का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब इस मुकदमे को रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें: Chandigarh Weather: चंडीगढ़ में झमाझम बरसात, गर्मी से लोगों को मिली राहत, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम
शिकायतकर्ता की बेटी से संपर्क में था आरोपी
एसएसपी जिला लुधियाना ग्रामीण नवनीत सिंह बैंस ने बताया कि एसपी (डी) हरिंदरपाल सिंह परमार, डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क और डीएसपी दीपकरण सिंह की टीम ने जांच के दौरान पाया कि घटना की रात जिस युवक की फोटो ताजुद्दीन की बेटी द्वारा लुटेरे के तौर पर पहचानी गई थी वो जगरांव के एक बुटीक पर काम करता है। साइबर सेल की मदद से निकली सीडीआर से पता चला कि वो युवक ताजुद्दीन की बेटी के साथ फोन पर लगातार संपर्क में है। घटना की रात दो नहीं बल्कि वही अकेला युवक ताजुद्दीन के घर पर आया था जिसे उसकी बेटी पहचानती थी।
आरोपी बताए युवक के परिवार से हुआ था झगड़ा
इस युवक के साथ ताजुद्दीन के परिवार का पहले खासा झगड़ा हुआ था। ताजुद्दीन के परिवार ने इसी का बदला लेने के लिए लूट की झूठी कहानी बना डाली और पुलिस को गुमराह किया। ताजुद्दीन का परिवार युवक को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाना चाहता था। पुलिस की पूछताछ में ताजुद्दीन की बेटी टूट गई और उसने बताया कि परिवार के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी बनाई थी। एसएसपी नवनीत सिंह बैंस ने बताया कि ताजुद्दीन और उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
17 जून को दी थी शिकायत
जगरांव स्थित बस्सीयां वाली गली में 17 जून की रात 2 वर्ष के बच्चे के गले पर चाकू रख लूट की घटना की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई थी । घटना के बाद डीएसपी दीपकरन सिंह तूर सहित पीसीआर और सिटी पुलिस की टीमें लुटेरों को पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई थी।
घर के मुखिया ताजुद्दीन ने तब कहा था कि उसी दिन बेटी की मंगनी हुई थी और जल्द ही शादी होनी थी। उनकी एक बेटी भी राजस्थान से आई हुई थी, बेटी की शादी के चलते सोने चांदी के जेवरात बनवाए थे और खर्च के लिये डेढ़ लाख रुपये भी घर में ही रखे थे। शाम को उनकी पत्नी, बहू, बेटा और परिवार के अन्य सदस्य शादी की खरीदारी करने बाजार चले गए। घर में उनकी दो बेटी और दो साल का दोहता अकेले थे।
रात आठ बजे घर की घंटी बजी तो बेटी ने दरवाजा खोल दिया। दो लुटेरे उसे धक्का देकर अंदर दाखिल हो गए। एक ने बेटी के दो साल के बेटे को उठाकर उसकी गर्दन पर चाकू रख जान से मार देने की धमकी दी, दूसरा घर की तलाशी लेने लगा। चंद मिनटों में डेढ़ लाख रुपये नकद और दो लाख के सोने चांदी के गहने लेकर फरार हो गए। लुटेरों के फरार होते ही बेटी ने उन्हें फोन पर घटना की जानकारी दी, वे तुरंत घर पहुंचे और काउंसलर कंवरपाल सिंह सहित पुलिस को भी सूचित किया। डीएसपी दीपकरन सिंह तूर, पीसीआर और सिटी पुलिस की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंच गई और लुटेरों को पकड़ने के लिए चारों ओर दौड़ी लेकिन वे हाथ नहीं लगे थे।