एसटीएफ सभी मामलों की जांच में जुट गई है। एसटीएम के मुताबिक जीता को उस समय दबोचा गया, जब वह गिरफ्तारी के डर से विदेश भागने की फिराक में था लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही एसटीएफ ने उसे धर दबोचा। एसपी (जांच) जगजीत सिंह सरोआ ने रेड की पुष्टि करते हुए कहा कि थाना सदर में रणजीत सिंह जीता व उसके नौकर परमिंदर के खिलाफ एक्साइज एक्ट और टीम पर कुत्ते छोड़कर व सरकारी काम में विघ्न डालने का केस दर्ज कर लिया है। जीता के साथ दो पुलिस अफसरों की गिरफ्तारी पर एसपी ने कहा कि इस मामले की जांच एसटीएफ मोहाली की टीम कर रही है। वहीं इससे ज्यादा जानकारी दे सकते हैं। जब्त सामान एसटीएफ अपने साथ ले गई है।
अमेरिका व कनाडा में भी ड्रग्स की सप्लाई करता है
एसटीएफ के अनुसार जीता पंजाब ही नहीं, बल्कि अमेरिका व कनाडा तक ड्रग्स सप्लाई करता था, इसकी पुख्ता जांच के लिए एसटीएफ कोर्ट से जीता का रिमांड हासिल किया जाएगा। उधर, जीता की सुरक्षा में तैनात दोनों थानेदारों के घर पर भी एसटीएफ ने दबिश दी है। थानेदार मनीष के घर से साढ़े तीन लाख रुपये मिले हैं। इसके लैपटॉप को एसटीएफ ने कब्जे में ले लिया है। एसटीएफ के मुताबिक जीता की सुरक्षा में तैनात दोनों पुलिसकर्मी उसे पुलिस नाकों से निकलवाते थे। यहीं नहीं लुधियाना व मोहाली की 20 अफसरों की टीम ने जिला पुलिस को लेकर एक साथ दबिश दी।
एक विधायक संग मिलकर जीता ने काटीं कालोनियां
कबड्डी की आड़ में नशे का रैकेट चला रहे रणजीत सिंह उर्फ जीता मौड़ की राजनेताओं से अच्छी जान-पहचान थी। कपूरथला से संबंधित एक विधायक के साथ मिलकर उसने कई कालोनियां काटकर बेचीं। सियासत में अच्छी पकड़ के कारण ही उसका उच्च पुलिस अफसरों से अच्छा-खासा उठना-बैठना था। जिसके चलते वह पुलिस सुरक्षा के बीच ड्रग्स की आपूर्ति कर रहा था।
रेड से गांववासी भी हैरान
कस्बा काला संघिया निवासयों का कहना है कि बुधवार देर रात को 10-12 गाड़ियों का काफिला जीता के घर पर पहुंचा। कई लोग इसे किसानी आंदोलन से जोड़ कर देख रहे हैं। इस रेड से गांववासी हैरान होने के साथ-साथ भयभीत भी हैं। जीता मौड़ एक नामवर कबड्डी खिलाड़ी रहा है, जिसने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके अलावा वह कई कबड्डी क्लबों को स्पांसर भी करता रहा है और कई कबड्डी खिलाड़ियों को वह विदेशी क्लबों की सैर भी करवा चुका है।
नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में डीएसपी को मिल चुका है राष्ट्रपति मेडल
पूर्व डीएसपी बिमलकांत को जालंधर में नशा नियंत्रण करने पर राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिल चुका है। सूत्रों के मुताबिक उसने चार नशा तस्करों की एक करोड़ की संपत्ति फ्रीज करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। शाहकोट में भी उसने नशा तस्कर की 133 करोड़ की जायदाद अटैच करवाई थी। बिमलकांत को मई 2016 में तत्कालीन सीपी जालंधर अर्पित शुक्ला ने डीजी डिस्क से सम्मानित किया। अब उसे नशा आपूर्ति में तस्कर की मदद करने के आरोप में पुलिस ने धर दबोचा है।