जेल में लगी कोर्ट में पेशी के दौरान रामपाल ने गिड़गिड़ाकर कुछ ऐसा कहा कि सुनने वाले सब चौंक गए। ‘...जज साहब मेरी जान बख्श दीजिए, जेल में मेरी हत्या हो जाएगी।’ कुछ इसी तरह से गिड़गिड़ाते हुए भयभीत रामपाल ने जेल में लगी कोर्ट के समक्ष गुहार लगाई।
इतना ही नहीं रामपाल ने कहा ‘साहब जिन जेल अधीक्षक से मुझे जान का खतरा है उसी को यहां लगा दिया गया है।’ रामपाल के वकील एपी सिंह ने भी जेल अधीक्षक से रामपाल को जान का खतरा बताते हुए कोर्ट में याचिका दायर की है। गौरतलब है कि 5 फरवरी को रामपाल के वकील ने जेल अधीक्षक शमेशर सिंह दहिया पर रामपाल से 50 लाख की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था।
अब सेंट्रल जेल टू में जेल अधीक्षक शमशेर सिंह दहिया की ज्वाइनिंग होते ही मामला फिर गरमा गया। इससे पहले जेल अधीक्षक सेंट्रल जेल वन में थे। दिसंबर माह में इनकी बदली रेवाड़ी हो गई थी।
इंतजाम की जानकारी ली
जेएमआईसी प्रतीक जैन ने बृहस्पतिवार को सेंट्रल जेल टू में अदालत लगाई। जज ने सेंट्रल जेल वन के सुपरीटेंडेंट से रामपाल को यहां शिफ्ट किए जाने संबंधित इंतजाम के बारे में जानकारी ली। सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एपी सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि जेल अधीक्षक शमशेर सिंह दहिया 50 लाख रुपये की फिरौती मांग चुके हैं
और न देने पर रामपाल को जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने मांग की है कि रामपाल को सेंट्रल जेल वन में शिफ्ट किया जाए। जहां रामपाल को रखा जाए, वहां इलेक्ट्रॉनिक आई (सीसीटीवी कैमरे) लगवाएं जाए।