सीरिया में जिहाद के नाम पर आतंक फैलाने वाले इस्लामिक स्टेट के आतंकी अपनी सेक्सुअल लाइफ को सुधारने के लिए ऐसे-ऐसे तरीके आजमा रहे हैं कि वहां के डॉक्टर भी हैरान हैं।
रक्का में आतंकियों का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जेहादियों की विकृत यौन गतिविधियों का खुलासा किया है।
डॉक्टर ने बताया कि इस्लाम की रुढ़िवादी मान्यताओं के बावजूद इस्लामिक स्टेट के लड़ाके अपनी सैलरी का ज्यादातर हिस्सा यौन उत्तेजक दवाओं और पत्नियों के लिए खास अंतर्वस्त्र खरीदने में खर्च करते हैं। इसके अलावा वे सेक्स स्लेव को तौर पर बंधक बनाकर रखी गईं नाबालिग लड़कियों और बच्चों पर भी बहुत पैसा उड़ा रहे हैं।
यौन उत्तेजक दवाओं ने बढ़ाई मुसीबत
डेली मेल के अनुसार, आईएस के लड़ाके अपनी पत्नियों के साथ बहुत अत्याचार करते हैं और दरिंदगी की हदें पार कर रहे हैं। यौन उत्तेजक दवाओं के इस्तेमाल के चलते आईएस के कई सदस्य यौन विकृतियों से जूझ रहे हैं।
सीरिया के कई शहरों में आईएस का इतना खौफ है कि महिलाएं घर से निकलने से भी डरती हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि आतंकी उन्हें दरिंदगी का शिकार बना सकते हैं। ये आतंकी अप्राकृतिक यौन संबंध बनाते हैं और महिलाओं के साथ वहशी हरकतें करते हैं।
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आईएस के आतंकी अपनी पत्नियों और दासियों के लिए अजीबोगरीब अंतर्वस्त्र खरीद रहे हैं और अपनी यौन क्षमता बढ़ाने के लिए वियाग्रा का इस्तेमाल भी करते हैं। इसके चलते महिलाओं को की तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
कभी करते हैं शादी तो कभी जबरन सेक्स
इन इलाकों में काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि आईएस के आतंकी अपनी यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए कई पत्नियां रखते हैं। इसके लिए वे महिलाओं और बच्चों को अगवा भी करते हैं। इनके कब्जे में 9 साल की उम्र के मासूम भी मिले हैं।
लगातार बढ़ी रेप और यौन उत्पीड़न की घटनाओं के चलते रक्का में महिलाओं घर से बाहर निकलने से भी डर रही हैं। दरअसल, शहर में हथियारबंद आतंकी किसी भी महिला के साथ सरेआम दरिंदगी करते हैं।
बता दें कि पिछले साल रक्का में कब्जा जमाने के बाद आईएस आतंकियों ने पत्नियों की तलाश शुरू की और कई महिलाओं को जबरन हवस का शिकार बनाया। इन आतंकियों में से ज्यादातर विदेशी हैं, जिन्हें वहां बसाने के उद्देश्य से कई शादियां करने की छूट दी गई है।
ये आतंकी शादी में 2 लाख से 5 लाख रुपए तक दहेज देते हैं। दहेज की राशि महिला की खूबसूरती और परिवार के आधार पर तय होती है।