चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में चर्चित कोठी हड़पने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी संजीव महाजन, खालिंदर कादियान और गुरप्रीत सिंह को नियमित जमानत दे दी है। कोठी हड़पने के मामले में संजीव महाजन पर चंडीगढ़ पुलिस ने 2 मार्च 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया था। तब से महाजन जेल में है। इस मामले में सेक्टर-39 थाने का तत्कालीन एसएचओ राजदीप सिंह भी आरोपी है और उसे पिछले साल सितंबर में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
मामले में चंडीगढ़ पुलिस के एक डीएसपी का भाई भी आरोपी है। संजीव महाजन पर बाउंसर सुरजीत के साथ कोठी के मालिक राहुल मेहता को अगवा करने का आरोप है। मामले में अन्य आरोपी भी हैं जिन पर महाजन के साथ मिलकर फर्जी राहुल मेहता बनाने और जाली दस्तावेजों के आधार पर कोठी को आगे बेचने और मुनाफा कमाने का आरोप है।
चार्जशीट के मुताबिक आरोपी पहले किराएदार बनकर सेक्टर-37 की एक कोठी की पहली मंजिल पर रहने लगा। राहुल मेहता इस कोठी का अकेला मालिक था। बाद में प्लानिंग के तहत उसे कैद कर मारपीट की गई और मानसिक रोगी बनाकर दूसरे राज्य में छोड़ दिया गया। इसके बाद फर्जी सेल डीड के आधार पर कब्जा ले लिया गया।
पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर (निलंबित) राजदीप सिंह पर आरोप है कि उसने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को धमकाया और आरोपियों से उपहार के तौर पर महंगे फोन लिए। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में महाजन को बड़ी राहत देते हुए उन्हें व दो अन्य को नियमित जमानत दे दी है।