विषाक्त खाना खाने से मरने वाले दोनों दिव्यांग बच्चों का सिविल अस्पताल के चार डाक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम करके विरसा रिपोर्ट भेज दी है। शव सामाजिक सुरक्षा व स्त्री-बाल विकास विभाग के सुपुर्द कर दिए गए हैं। उन्होंने एनजीओ के सहयोग से लक्ष्मी नगर स्थित श्मशानघाट में संस्कार कर दिया है।
सिविल अस्पताल के डा. जसविंदर सिंह के नेतृत्व में डा. तारा सिंह, डा. सारिका दुगगल, डा. हरप्रीत मोमी के बोर्ड ने मृतक छोटू और ज्योति के शवों का पोस्टमार्टम करके विसरा रिपोर्ट जांच के लिए भेज दी है। छह सप्ताह के बाद रिपोर्ट आएगी। उसके बाद ही मौत की असली वजह का पता चलेगा। अब तक सिविल अस्पताल प्रशासन उनकी मौत को संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग के तौर पर मान रहा है। सूत्रों के अनुसार बच्चों की सांस की नाली में उल्टी जाने से मौत होने की आशंका है।
सामाजिक सुरक्षा, स्त्री-बाल विकास विभाग ने स्थानीय एनजीओ रक्त ब्लड डोनर्स सोसाइटी के करण महाजन, सांझ सोशल सोसाइटी के कुलजीत सिंह और समाजसेवक हरजीत सिंह आनंद के सहयोग से दोनों का लक्ष्मी नगर स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा, स्त्री-बाल विकास विभाग के डायरेक्टर गुरलवलीन सिंह सिद्धू, विधायक राणा गुरजीत सिंह, जिला प्रोग्राम अधिकारी सुखदीप कौर मुल्तानी, सीडीपीओ नरिंदर सिंह मौजूद थे।