टीहर गांव में बरामद बारूद के बारे में बताते एसपी एके त्रिपाठी और पकड़े गए आरोपी।
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रामपुरा पुलिस और जिले की एसटीटी (स्पेशल टास्क टीम) ने बुधवार को टीहर गांव के एक गोदाम में छापा मारकर 47 क्विंटल से ज्यादा घातक विस्फोटक पकड़ा। मौके पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पकड़ा गया विस्फोटक क्लोरेट व सल्फर है। यह वर्ष 1992 से पूरे देश में प्रतिबंधित है। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस बारूद से पूरे जिले में
तबाही मच सकती थी। इस बारूद के तीन मिलीग्राम से ही घातक बम बन सकता है। इसमें बिना आग के ही विस्फोट किया जा सकता है। रामपुरा थानाध्यक्ष राजाभइया व एसटीटी टीम प्रभारी आरिफ खान ने मंगलवार को रामपुरा थाना क्षेत्र के गांव टीहर में छापा मारकर लगभग एक क्विंटल बारूद बरामद किया था। साथ ही वहीं टेंट लगाकर इस बारूद से पटाखे बना
रहे इसी गांव के प्रमोद उर्फ पप्पू, हरिराम, मेवालाल और सतीश को गिरफ्तार कर लिया था। एसपी के मुताबिक इसमें मेवालाल के नाम केवल रोशनी छोड़ने वाले पटाके बनाने का लाइसेंस है लेकिन वह विस्फोट वाले पटाके बनाता था। बारूद भी तय सीमा से ज्यादा रखता था। एसपी के मुताबिक पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे गांव
की एक गोदाम पर फिर छापा मारा गया। यहां से 47 क्विंटल से ज्यादा बारूद मिलने पर गोदाम मालिक चंद्रशेखर और गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए बारूद की जांच की गई तो पुलिस के होश उड़ गए। एसपी ने नेट सर्च कर इस बारूद के तीन मिलीग्राम से होने वाले विस्फोट की वीडियो दिखाई तो वहां मौजूद लोग दंग रह गए। उन्होंने बताया कि
आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है। बारूद का सैंपल जांच के लिए आगरा लैब भेज रहे हैं। बाकी बारूद को निष्क्रिय किया जाएगा। एसपी ने इस कार्रवाई में शामिल टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक ने ये लोग निजी वाहनों के जरिए भोपाल से बारूद लाते थे।
प्रतिबंधित विस्फोटक संबंधी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद अन्य राज्यों में फैले इस धंधे पर अंकुश के लिए बड़ी कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल वह स्थानीय स्तर पर डीएम से वार्ता कर एक टीम बनाने जा रहे हैं जो पूरे जिले में संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करेगी।