विजिलेंस विभाग के अधिकारी ने बताया कि बीडीपीओ सतविंदर सिंह एवं ब्लाक समिति चेयरमैन लखविंदर सिंह द्वारा यह स्ट्रीट लाइट अमर इलेक्ट्रिकल इंटरप्राइजेज से खरीदी गई थी और विजिलेंस विभाग द्वारा दुकान के मालिक गौरव शर्मा को भी इस मामले में आरोपी बनाकर नामजद किया गया है।
विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ लुधियाना में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं, तीसरे आरोपी गौरव शर्मा की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाइट 30 दिसंबर 2021 को ब्लाक समिति चेयरमैन लखविंदर सिंह की ओर से पास की गई थी, जिसका मत्ता बीडीपीओ सुखविंदर सिंह कंग की ओर से 27 दिसंबर 2021 को डाला गया था और तीन दिन बाद 30 दिसंबर को इसकी मंजूरी ब्लाक समिति चेयरमैन लखविंदर सिंह ने दी थी। विजिलेंस अधिकारी के मुताबिक इस मामले में अभी और भी जांच चल रही है।
रंग लाई आप हलका इंचार्ज की मेहनत
इस मामले का खुलासा सबसे पहले मुल्लांपुर के आप हलका इंचार्ज डॉ. केएनएस कंग ने किया था। डॉ. केएनएस कंग ने बताया कि उन्होंने 65 लाख की स्ट्रीट लाइटों के गबन के अलावा भी स्पोर्ट्स किट एवं आरओ का खुलासा एवं पंजाब मंडी बोर्ड से जुड़ा एक और खुलासा भी उजागर किया है। उन्होंने बताया कि वह पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े तीन बड़े खुलासे कर चुके हैं और इन सभी खुलासों से जुड़े दस्तावेज विजिलेंस अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं।