खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के पूर्व आतंकी गुरसेवक सिंह बबला के घर में दबिश देकर हत्या की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंगस्टरों, नशा तस्करों व उनको पनाह देने वाले गिरोह को पुलिस ने बेनकाब किया है। मौके पर पूर्व आतंकी बबला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करके चार पिस्टल, दो राइफल, 30 कारतूस, एक किलो 550 ग्राम हेरोइन व 22 लाख की ड्रग मनी बरामद की है।
यह पहला मौका है कि तरनतारन पुलिस ने पूर्व आतंकियों, नशा तस्करों व गैंगस्टरों के गठजोड़ को बेनकाब किया है। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनको एक दिन पहले ही सूचना मिली कि गांव माड़ी कंबोके निवासी गुरसेवक सिंह उर्फ बबला खतरनाक अपराधी है। बबला कोई और नहीं बल्कि केसीएफ का पूर्व आतंकी है।
डीएसपी राजबीर सिंह की अगुवाई में थाना खालड़ा के प्रभारी इंस्पेक्टर तरसेम सिंह ने बबला के घर दबिश देकर दो गैंगस्टरों जगप्रीत सिंह उर्फ जग्गा और अमृतप्रीत सिंह उर्फ अमृत (निवासी हरिके पत्तन) को काबू किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में हरिके में मछली ठेकेदार मुख्त्यार सिंह की हत्या में दोनों ही भगोड़े थे।
मुख्त्यार सिंह की हत्या के बाद दोनों गैंगस्टर पूर्व आतंकी बबला के घर में एक माह तक रहे। इसके बाद बबला ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर वाले अपने मकान में इनको एक सप्ताह पनाह दी थी। पूर्व आतंकी बबला पंजाब में लूटमार और नशा तस्करी जैसे कई आपराधिक वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।
एसएसपी निंबाले ने बताया कि दोनों गैंगस्टरों से पूछताछ के दौरान मछली ठेकेदार की हत्या मामले के बाकी आरोपी जोबनजीत सिंह निवासी हरिके, संदीप शिशु गांव मरड़, संदीप सिंह सोनू ने पंचकूला के थाना पिंजौर के गांव गरिंदा निवासी जगजीत सिंह के घर में पनाह ले रखी है। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने पंचकूला पुलिस व चंडीगढ़ पुलिस की मदद से उक्त आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान अमृतप्रीत सिंह ने बताया कि मछली ठेकेदार की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल कस्बा हरिके निवासी हीरा सिंह के पास रखा है, जिस पर पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान हीरा सिंह तो नहीं मिला, परंतु उसके भाई जसवंत सिंह जस्सा को मौके पर 22 लाख की ड्रग मनी समेत काबू कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल, दो राइफल, 30 कारतूस, एक किलो 550 ग्राम हेरोइन और 22 लाख की ड्रग मनी बरामद की गई है।