उसका पति तेज नारायण ज्योतिष को खींच कर पानी के कूहल की तरफ ले गया। जमींदार ने बताया कि वह सुशीला देवी व गांव के कुछ लोगों को साथ लेकर अपनी मोटर पर बने कमरे की तरफ गए। वहां तेज नारायण और ज्योतिष के अलावा दोनों बच्चे भी नहीं थे। उन्होंने तेज नारायण, ज्योतिष ठाकुर और दोनों बच्चों को काफी ढूंढा लेकिन कोई नहीं मिला। 19 जून की देर रात उनकी मोटर से करीब 200 मीटर की दूरी पर पानी की कूहल में ज्योतिष ठाकुर की खून से सनी लाश मिली। उसके सिर, नाक, कान और शरीर पर चोट के निशान थे। हाथ की एक उंगली कटी थी।
जानवरों की पूंछ पकड़ दरिया रास्ते भागने की कोशिश में बहा
तेज नारायण के 10 वर्षीय बेटे ने पुलिस को बताया कि ज्योतिष का कत्ल करने के बाद पिता उसे और पांच साल की बच्ची को साथ लेकर भागा। रात भर खेतों में भटकने के बाद वहां से भागने की फिराक में था। कथलौर नाके पर पकड़े जाने का डर था, इसलिए रावी नदी के रास्ते भागने की योजना बनाई।
तेज नारायण ने नदी में गुज्जरों के मवेशियों की पूंछ पकड़कर बच्चों के साथ दरिया पार करने की कोशिश की। गुज्जरों ने बच्चों को बहता देखा तो उन्हें बचा लिया लेकिन तेज नारायण बहाव के साथ बह गया। पुलिस टीमें तेज नारायण की तलाश में जुटी है। थाना प्रभारी प्रीतम लाल ने बताया कि जमींदार कृष्ण गोपाल के बयान पर तेज नारायण के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश जारी है।