मोहाली में विजिलेंस ने बिजली विभाग के एक इंस्पेक्टर को 5000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम तहत केस दर्ज करके आगामी जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान हरप्रीत सिंह और उसके निजी सहायककर्मी करमजीत सिंह उर्फ कम्मा के रूप में हुई है। ये जानकारी विजिलेंस विभाग ने साझा की है।
जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च 2022 को तरलोचन सिंह नामक व्यक्ति को बिजली चोरी के मामले में हजारों रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस दौरान इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने मामले को रफा दफा करने के बदले तरलोचन से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन दोनों के बीच ये सौदा पहले छह फिर पांच हजार रुपये में तय हुआ।
सौदे के मुताबिक इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने अपनी निजी सहायक करमजीत सिंह उर्फ कम्मा को तरलोचन सिंह के पास रिश्वत की रकम लेने भेजा लेकिन विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर करमजीत सिंह को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद कम्मा के बयान पर इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर विजिलेंस टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया।