जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बीच वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी के आरोपी को पकड़ने पहुंची SIT टीम को लोगों ने बंधक बना लिया।
विज्ञापन
वित्तमंत्री की कोठी में आग: DSP समेत 22 पुलिसवालों को बनाया बंधक
2 of 6
रोहतक में गांव वालों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया
- फोटो : अमर उजाला
रोहतक के गांव रणकपुर में डीएसपी समेत 22 पुलिस वालों को बंधक बनाया था। लोगों ने एसआईटी पर मोहल्ले की औरतों के साथ बदतमीजी करने और बेकसूर लोगों को तंग करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
वित्तमंत्री की कोठी में आग: DSP समेत 22 पुलिसवालों को बनाया बंधक
3 of 6
रोहतक में लोगों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी दविंदर को भाई रविंदर को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन दविंदर को गिरफ्तार करते समय पुलिस टीम की परिजनों से धक्का-मुक्की हो गई। इस दौरान दविंदर की मां कमला देवी को कुछ चोटें भी आईं। फिलहाल गांव में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
वित्तमंत्री की कोठी में आग: DSP समेत 22 पुलिसवालों को बनाया बंधक
4 of 6
रोहतक में लोगों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 19 फरवरी को रोहतक के सेक्टर-14 स्थित मंत्री कैप्टन अभिमन्यू की कोठी को आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में गठित एसआईटी आरोपी रैनकपुरा के देवेंद्र को गिरफ्तार करने गई थी। इससे पहले ही देवेंद्र वहां से फरार हो गया।
विज्ञापन
वित्तमंत्री की कोठी में आग: DSP समेत 22 पुलिसवालों को बनाया बंधक
5 of 6
रोहतक में लोगों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद एसआईटी ने देवेंद्र के भाई रविंद्र को उठा लिया, जिससे गुस्साए इलाके के लोगों ने एसआईटी को एक कमरे में बंधक बना लिया। लोगों का आरोप है कि बिना नंबर की गाड़ी में आई एसआईटी टीम ने बेवजह उनके बच्चों को परेशान किया।
वित्तमंत्री की कोठी में आग: DSP समेत 22 पुलिसवालों को बनाया बंधक
6 of 6
रोहतक में लोगों ने पुलिस टीम को बंधक बनाया
- फोटो : अमर उजाला
लोगों का कहना है कि एसआईटी ने न सिर्फ बेकसूर रविंद्र को हिरासत में लेने की कोशिश की, बल्कि मोहल्ले की औरतों के साथ भी बदतमीजी की। लोगों की मांग है कि एसआईटी के इंचार्ज को बदला जाए और बेकसूर लोगों को तंग करना बंद किया जाए।