तीनों थे बराबरी के हिस्सेदार, भिवानी से लाए थे मादक पदार्थ
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो एक लाख रुपये से अधिक का नशा खरीदकर लाए थे। वो तीनों बराबर के हिस्सेदार थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वो पहली बार मादक पदार्थ लाए थे और उन्हें नशा की खेप भिवानी से मिली थी। मादक पदार्थ बेचकर वो मुनाफा कमाना चाहते थे।
दोपहर को डीसी ने दिए कार्रवाई के आदेश, शाम को ही दिखा असर
जिला को नशामुक्त बनाने के लिए गुरुवार दोपहर ही डीसी श्यामलाल पूनिया ने अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में एसपी दीपक गहलावत भी मौजूद रहे थे। इस बैठक में नशाखोरों पर कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए एक टीम बनाने के भी निर्देश दिए थे। डीसी के आदेश का असर शाम करीब साढ़े सात बजे ही नजर आ गया।
तीनों आरोप हैं दोस्त, सभी पढ़े-लिखे
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। तीनों बारहवीं पास हैं। सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि आरोपियों का कहना है कि कोई काम न मिलने पर उन्होंने नशा तस्करी कर रुपये कमाने की योजना तैयार की थी।
नशाखोरों के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाया हुआ है और गत छह माह में पुलिस ने काफी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद करने के साथ 45 तस्करों को भी पकड़ा है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मेरी जिलावासियों से अपील है कि सूचना देकर नशाखोरी रोकने में पुलिस की मदद करें। पुलिस की ओर से सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी