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चरखी दादरी: रोजगार नहीं मिला तो बेचने लगे गांजा और चरस, पहले ही प्रयास में हत्थे चढ़े तीन दोस्त

Fri, 24 Jun 2022 09:47 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

वो तीनों मादक पदार्थ की खेप लिए हुए हैं। इस आधार पर सीआईए ने देर शाम नाकाबंदी कर दी और संदेह के आधार पर एक इयोन कार को जांच के लिए रुकवाया। सीआईए को कार में तीन युवक सवार मिले। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम सुनील, विकास और योगेश बताया।
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पुलिस गिरफ्त में तीनों आरोपी और उनसे बरामद नशीला पदार्थ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रोजगार नहीं मिलने पर नशा बेच अच्छा खासा मुनाफा कमाने का सपना देखना तीन दोस्तों को भारी पड़ गया। तीनों युवक नशा तस्करी के पहले ही प्रयास में सीआईए के हत्थे चढ़ गए। उनसे एक लाख रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने उनकी कार समेत बरामद 4.300 किलोग्राम गांजा व 450 ग्राम चरस कब्जे में ले ली। मामला हरियाणा के चरखी दादरी का है। 

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तीनों के खिलाफ बाढ़डा थाने में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। तीनों आरोपियों की उम्र 23 से 29 साल है। पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम सीआईए टीम अपराध की रोकथाम के लिए हड़ौदी बस अड्डे पर तैनात थी। उसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि नांधा निवासी सुनील, बिसलवास निवासी विकास और नौसवा निवासी योगेश इयोन में सवार होकर कुछ देर बाद कालुवास नमक फैक्टरी के पास स्थित नहर पुल से गुजरेंगे। 

वो तीनों मादक पदार्थ की खेप लिए हुए हैं। इस आधार पर सीआईए ने देर शाम नाकाबंदी कर दी और संदेह के आधार पर एक इयोन कार को जांच के लिए रुकवाया। सीआईए को कार में तीन युवक सवार मिले। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम सुनील, विकास और योगेश बताया। तीनों युवकों की तलाशी ली गई तो कुछ नहीं मिला लेकिन पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो चालक के बगल वाली सीट के नीचे से एक पॉलीथिन बरामद हुई। इसे खोलकर देखा तो गांजा और चरस मिली। सीआईए ने कार सवार तीनों आरोपियों को काबू कर लिया और उनके खिलाफ बाढ़डा थाने में केस दर्ज किया गया।

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तीनों थे बराबरी के हिस्सेदार, भिवानी से लाए थे मादक पदार्थ 
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो एक लाख रुपये से अधिक का नशा खरीदकर लाए थे। वो तीनों बराबर के हिस्सेदार थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वो पहली बार मादक पदार्थ लाए थे और उन्हें नशा की खेप भिवानी से मिली थी। मादक पदार्थ बेचकर वो मुनाफा कमाना चाहते थे।

दोपहर को डीसी ने दिए कार्रवाई के आदेश, शाम को ही दिखा असर 
जिला को नशामुक्त बनाने के लिए गुरुवार दोपहर ही डीसी श्यामलाल पूनिया ने अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में एसपी दीपक गहलावत भी मौजूद रहे थे। इस बैठक में नशाखोरों पर कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए एक टीम बनाने के भी निर्देश दिए थे। डीसी के आदेश का असर शाम करीब साढ़े सात बजे ही नजर आ गया।

तीनों आरोप हैं दोस्त, सभी पढ़े-लिखे 
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। तीनों बारहवीं पास हैं। सीआईए प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि आरोपियों का कहना है कि कोई काम न मिलने पर उन्होंने नशा तस्करी कर रुपये कमाने की योजना तैयार की थी। 
नशाखोरों के खिलाफ पुलिस ने विशेष अभियान चलाया हुआ है और गत छह माह में पुलिस ने काफी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद करने के साथ 45 तस्करों को भी पकड़ा है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मेरी जिलावासियों से अपील है कि सूचना देकर नशाखोरी रोकने में पुलिस की मदद करें। पुलिस की ओर से सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी
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