पल्लवी की मौत के बाद विलाप करतीं महिलांए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के राजपुरा में शनिवार को पटाखा बनाने के काम में हुए विस्फोट में भाई-बहन की मौत के बाद पड़ोस में रहने वाली बच्ची पल्लवी भी पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ते-लड़ते मौत के आगोश में समा गई। पल्लवी का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। इससे पहले इस हादसे में मनप्रीत कौर और गुरप्रीत सिंह पहले ही दम तोड़ चुके हैं।
बुधवार शाम मृतका का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार के लोगों ने पुलिस सुरक्षा के बीच आनंद नगर के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस हादसे में घायल कृष्ण की हालत में सुधार होने के बाद आज उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक कोई भी आरोपी पकड़ में नहीं आ सका है।
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पल्लवी के नाना निक्कू राम व नानी बंसती देवी परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। निक्कू राम ने बताया कि पल्लवी की मां की पहले ही मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह ही पल्लवी और कृष्ण की देखभाल करते थे। उनका मकान पटाखे बनाने वालों के पास ही था जबकि वह घर के बाहर वृक्ष के नीचे बैठे थे, तभी उन्हें विस्फोट के बारे में पता चला।
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शनिवार सुबह गांव जंडौली के नजदीक संत नगर में पटाखे बनाने वाले मैटीरियल की वजह से हुए धमाके में मकान मालिक कृष्ण कुमार की बेटी मनप्रीत कौर (12) और बेटा गुरप्रीत सिंह (14) पहले ही दम तोड़ चुके हैं। पड़ोस में रहने वाले पल्लवी (8) कृष्णा (6) भी गंभीर रुप से घायल हो गए थे। कृष्ण को राजिंदरा अस्पताल पटियाला जबकि पल्लवी को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल करवाया गया था। मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद आनंद नगर श्मशान घाट में अंतिम स्ंस्कार कर दिया गया है। अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए हैं।