शातिर ठगों ने पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही एक छात्रा के बैंक अकाउंट से 15 मिनट में एक लाख रुपये उड़ा लिए। शातिरों ने पहले तो एजेंसी में सिलिंडर वापस करने का फार्म भरवाया और फिर उसे सबमिट करने का झांसा देकर खाते से रुपये उड़ा लिए। छात्रा ने साइबर सेल और एसएसपी पुलिस हेडक्वार्टर में शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता रंजन ने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएचडी छात्रा है।
उसका सेक्टर 12 पीजीआई स्थित भारतीय स्टेट बैंक में खाता है। वह सेक्टर-15ए स्थित पीजी में पिछले तीन साल से रह रही है। उसे रूम खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट होना था। उसके पास एक सिलिंडर है। आरोप है कि इसे वापस करने के लिए बीते मंगलवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे गूगल से नंबर निकालकर प्रवीण एजेंसी से संपर्क किया। इस दौरान फोन पर एक व्यक्ति ने कहा कि उसके मोबाइल पर एक लिंक भेज रहा है, लिंक को दूसरे नंबर पर फारवर्ड करना पड़ेगा और इसके बाद एक फार्म आएगा। इसे भरने के बाद सबमिट करना पड़ेगा। इस पूरे प्रोसेस में बीस रुपये का खर्च आएगा।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जैसे ही फार्म सबमिट किया, थोड़ी दी देर में उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि बैंक अकाउंट से 10 हजार रुपये निकल गए। देखते ही देखते अगले 15 मिनट में खाते से एक लाख रुपये उड़ गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि रुपये निकलते देख फौरन बैंक पहुंची और खाते को बंद करवाकर मामले की सूचना पुलिस को दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह समय रहते बैंक न जाती तो शायद खाते में पड़े 37 हजार रुपये और उड़ जाते। बता दें कि इससे पहले भी इस तरह कई लोगों के भारतीय स्टेट बैंक के खाते से रुपये उड़ चुके हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस अब तक उन शातिरों का सुराग नहीं लगा सकी है।