दूसरी कार्रवाई में 8 अक्तूबर को लिंक रोड राणा से गांव चक्क महंता वाला निवासी सतनाम सिंह, जो महल सिंह का करीबी था, को काबू करके उसके कब्जे से 260 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। सतनाम सिंह से चार दिनों के रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पिलर नंबर 179/एम के पास हेरोइन छिपी होने की जानकारी मिली।
जिस पर 10 अक्तूबर को एसपी जसवीर सिंह व सीआईए स्टाफ द्वारा आरोपी सतनाम सिंह को साथ लेकर बीएसएफ चौकी बस्ती राम लाल थाना आरिफके जिला फिरोजपुर पहुंची और बीएसएफ के अधिकारियों की उपस्थिति में साझे सर्च आपरेशन से धान के खेत में से 4 किलो 250 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जो महल सिंह ने पाकिस्तान के सगलरों से मंगाई थी।
इस तरह पुलिस ने कुल 7 किलो 188 ग्राम हेरोइन बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पर्चा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़ी गई हेरोइन की कीमत 35 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
दोनों आरोपियों की जेल में हुई थी मुलाकात
एसएसपी भूपिंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान सतनाम सिंह से पता लगा है कि उसके खिलाफ 2008 में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ और यह करीब 5 महीने फिरोजपुर जेल में रहा, जहां इसकी पहचान महल सिंह के साथ हुई। जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में हेरोइन और जाली करंसी के कई मामले दर्ज हैं।
वह फिरोजपुर में सजा काटकर तीन महीने पहले वापस आया था। जेल से बाहर आकर महल सिंह ने हेरोइन की खेप मंगवाने और बेचने के लिए संपर्क किया। महल सिंह का एक लड़का अब भी फिरोजपुर जेल में हेरोइन के मामले में 20 वर्ष की सजा काट रहा है। आरोपी महल सिंह की गिरफ्तारी बाकी है। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी महल सिंह को काबू करने के लिए लगातार टीमें कार्य कर रही हैं।