कई बार फोन करने पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, मां खुद लेकर गई अस्पताल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि थार गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी और चालक ने अचानक से टर्न करते हुए कार्तिक को टक्कर मारी। एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद बच्चे की मां उसे ई-रिक्शा में सरकारी राजिंदरा अस्पताल ले गई लेकिन वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक बच्चे के पिता मुकेश की कुछ माह पहले मौत हो गई थी। मां अकेले ही कार्तिक व उसके छोटे भाई (4) को मेहनत मजदूरी करके पाल रही थी। गोद में अपने बेटे के शव को लेकर विलाप करती मां की चीख-पुकार हर किसी का मन द्रवित कर रही है।
आरे के मालिक का बेटा है आरोपी
थाना कोतवाली प्रभारी सरबजीत सिंह चीमा ने बताया कि लकड़ी के आरे के मालिक तीर्थ सिंह का बेटा चरनजीत सिंह उर्फ जज आरोपी है। उसी ने अपनी तेज रफ्तार थार से बच्चे को टक्कर मारी है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।