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लुधियाना में NIA की दबिश: गांव राजगढ़ में लॉरेंस के करीबी रवि के घर की ली तलाशी, 25 लाख की फंडिंग का आरोप

Mon, 12 Sep 2022 07:03 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

NIA टीम ने बहादुर रोड के व्यापारी तजिंदरपाल सिंह के घर और फैक्टरी की जांच की। वहां से कुछ सुराग मिलने के बाद एनआईए की टीम मेहरबान हरविंदर सिंह के घर पहुंची और वहां पूछताछ की। बताया जा रहा है कि एनआईए 25 लाख रुपये के मामले में जांच करने पहुंची थी।
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राजगढ़ गांव में गैंगस्टर रवि राजगढ़ के परिसरों पर पड़े छापे। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को पंजाब के लुधियाना में कई जगहों पर छापामारी की। एनआईए की टीम दोराहा के गांव राजगढ़ स्थित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी रवि के घर पहुंची। टीम ने जगरांव के अलावा महानगर के बहादुर के रोड स्थित तजिंदरपाल सिंह, गुगनी और मेहरबान के गैंगस्टर हरविंदर सिंह के घर छापामारी की।

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टीम ने दस्तावेजों को कब्जे में लिया और परिवार वालों से कई घंटे तक पूछताछ की। सूत्र बताते है कि एनआईए के अधिकारियों ने सभी से पूरी जानकारी जुटाई। मोबाइल नंबर और रिश्तेदारों के बारे में भी पूछताछ की। सभी के पतों को लिखा। एनआईए की कई टीमों ने सोमवार की सुबह ही पंजाब के अलग-अलग जगहों पर दस्तक दे दी थी। 

एक टीम दोराहा के गांव राजगढ़ पहुंची। टीम लॉरेस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर रवि के घर पहुंची। आरोप है कि रवि ने ही लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल को विदेश भेजने के लिए 25 लाख रुपये दिए थे ताकि वह जाली पासपोर्ट बनवा सके। 
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टीम ने बहादुर रोड के व्यापारी तजिंदरपाल सिंह के घर और फैक्टरी की जांच की। वहां से कुछ सुराग मिलने के बाद एनआईए की टीम मेहरबान हरविंदर सिंह के घर पहुंची और वहां पूछताछ की। बताया जा रहा है कि एनआईए 25 लाख रुपये के मामले में जांच करने पहुंची थी।

गैंगस्टर गुगनी का नाम पहले भी आतंकियों का साथ जुड़ चुका है
जेल में बैठकर पूरा गैंग ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर गुगनी का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों में जुड़ चुका है। कुछ समय पहले पंजाब में सात सिलसिलेवार हत्याएं हुई थीं। इसमें जालंधर के आरएसएस नेता, लुधियाना के आरएसएस नेता, पास्टर के साथ कुल सात हत्याओं को आतंकियों ने अंजाम दिया था।

जब आतंकी पकड़े गए थे तो जांच में पुलिस को पता चला था कि आतंकियों को हथियार मुहैया करवाने में सबसे बड़ा हाथ गैंगस्टर गुगनी का था। इसके अलावा गैंगस्टर गुगनी के कई आतंकियों से संपर्क सामने आए थे। आतंकियों को हथियार कहां से लेने है, कहां पहुंचाने है। सारा काम गुगनी की निगरानी में हुआ था। हैरानी की बात यह है कि गैंगस्टर गुगनी ने यह काम जेल से बैठे ही किया था।
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