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रोहतक सिस्टर्स छेड़छाड़ केस अब CBI सुलझाएगी

Mon, 01 Jun 2015 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोहतक सिस्टर्स के मामले में नया मोड़ आ गया है। पूजा और आरती से बस में कथित छेड़छाड़ का मामला 6 माह बाद एसआईटी से स्टेट क्राइम बांच को सौंप दिया गया है। रोहतक पुलिस ने छेड़छाड़ और फर्जी अश्लील फोटो अपलोड करने के दोनों ही मामलों को स्टेट क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया है।
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बता दें कि तीन दिन पहले ही दोनों बहनों ने दिल्ली में सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की थी। मांग रखी कि जांच टीम में न तो आरोपी पक्ष और न ही उनकी जाति का कोई अधिकारी होना चाहिए।

6 माह की जांच पर सवाल: देश-विदेश में छाए मामले की जांच में 6 माह में एसआईटी 7 कदम भी नहीं चल सकी। कोर्ट की कई तारीखों के बाद भी पुलिस अभी तक चालान पेश नहीं कर सकी है। हालत ये है कि पीड़ित बहनों का रोहतक पुलिस से भरोसा उठ गया है। वहीं, आरोपी पक्ष भी कोर्ट में तारीख पर पहुंचते हैं और पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप लगा रहा है।
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ये है मामला: 28 नवंबर 2014 को दोपहर में आईसी कॉलेज की छात्राएं दोनों बहनें पूजा व आरती रोहतक बस स्टैंड से अपने गांव थाना खुर्द (सोनीपत) जाने के लिए बस में चढ़ीं। उनका आरोप है कि रोहतक बस स्टैंड से ही दो युवकों ने इशारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद बस में भी अनाप-शनाप कहना शुरू कर दिया।

इसी बहसबाजी के बीच बस भालौठ पहुंच गई और आरोपियों ने फोन कर अपने एक और साथी को बुला लिया। आरोप है कि छेड़खानी और इशारेबाजी का विरोध किया तो लड़कों ने उनसे मारपीट की और चलती बस से फेंक दिया। मामला 30 नवंबर को बस में मारपीट का वीडियो वायरल होने से सुर्खियों में आया। वीडियो में दोनों बहनें एक युवक से मारपीट करती दिखाई दे रही हैं।

वीडियो से मामला तूल पकड़ गया और पुलिस ने आनन-फानन में आसन गांव के कुलदीप, मोहित और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। लड़का पक्ष ने आरोप लगाया कि मामला सीट को लेकर था और उन्होंने किसी से कोई छेड़खानी नहीं की। कुलदीप सेना भर्ती की शारीरिक शिक्षा का टेस्ट पास कर चुका था और उसकी लिखित परीक्षा होनी थी। लेकिन उस पर एफआईआर होने के चलते उसे रोल नंबर नहीं जारी किया गया।

पुलिस ने अभी तक चालान पेश नहीं किया

पहले वीडियो में दोनों बहनों को लड़कों से भिड़ता देख हरियाणा सरकार ने उन्हें सम्मानित करने की घोषणा कर दी। लेकिन, तीसरे दिन मामले में यू टर्न आया। दोनों बहनों का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें दोनों बस स्टैंड के सामने ही हुडा पार्क में एक और लड़के की पिटाई करती दिख रही हैं।

लड़का पक्ष के आरोपों और दूसरे वीडियो सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने अवार्ड पर रोक लगा दी। जांच के लिए डीएसपी यशपाल खटाना के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी के पास गवाहों के शपथपत्र तक पहुंचे और उनके ब्यान भी दर्ज किए गए। दोनों बहनों और तीनों आरोपियों का सीबीआई फोरेंसिक लैबोरेटरी में पॉलीग्राफ टेस्ट तक करवाया गया। जिसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

समझौते के प्रयासों को लगातार झटका: एक ओर एसआईटी जांच कर रही थी तो दूसरी और समझौते के लिए पंचायतें होती रहीं। लेकिन पंचायत और खाप पंचायत किसी भी स्तर पर समझौता नहीं हो पाया। राज्य महिला आयोग भी बात सिरे नहीं चढ़ा पाया।

ये कहना है दोनों पक्षों का: पूजा व आरती का कहना है कि पुलिस तेजी से जांच का वादा करती रही, लेकिन आज तक चालान ही पेश नहीं किया गया। पुलिस हमेशा समझौता करने के लिए हम पर दबाव बनाती रही। मेरे पिता को रात 12-12 बजे तक बैठा कर रखा गया। कार्रवाई की बजाय कहा गया कि लड़कियों की बदनामी हो जाएगी। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद होते चले गए। अभी तक व्हाट्स एप पर चल रही फर्जी अश्लील फोटो भी ब्लॉक नहीं हुए हैं। अब हमें यकीन ही नहीं रहा है कि रोहतक पुलिस न्याय दिलवा पाएगी।

आरोपी कुलदीप का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने अभी तक चालान पेश नहीं किया है। 6 माह से केवल तारीख ही मिल रही है। पुलिस की कार्रवाई ढीली है। जांच किसी भी एजेंसी से क्यों न करवा ली जाए। हमारी कोई गलती नहीं है। उम्मीद है कि इस बार तारीख पर पुलिस चालान पेश कर दे। पुलिस और कोर्ट दोनों पर भरोसा है।
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एसपी शशांक आनंद ने बताया जांच का स्टेटस

एसपी शशांक आनंद से सीधी बात
- छेड़छाड़ और व्हाट्स एप मामले में जांच का स्टेटस क्या है?
दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। अब स्टेटस भी वही बेहतर बता सकती है।

- जांच के नाम पर देरी क्यों?
नहीं, ऐसा नहीं है। एसआईटी निष्पक्षता से जांच कर रही है। मामला दूसरी एजेंसी को चला गया है तो अब कुछ नहीं कहा जा सकता है।
- क्या कारण रहे कि जांच पूरी नहीं हुई?
लगभग जांच पूरी हो चुकी थी। बस में 50 स 70 सवारियां थीं। सभी सवारियों से बयान लेने में समय लगना ही था। सभी सवारियों की पहचान करना ही बड़ी चुनौती थी।

- दूसरी एजेंसी से जांच की मांग ही क्यों उठी?
यह परिवादी का अधिकार है और हम भी चाहते हैं कि परिवादी संतुष्ट हो। जांच स्टेट क्राइम ब्रांच कर रही है तो कोई बात नहीं, परिवादी का संतुष्ट होना प्राथमिकता है।

- व्हाट्स एप मामले में क्या रहा?
इस मामले में भी व्हाट्स एप को ईमेल कर अश्लील फोटो ब्लॉक करने को कहा गया है। नोटिस भी भेजा गया है।
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