चंडीगढ़ में सकेतड़ी मंदिर के सामने दिनदहाड़े बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हत्या और जिम ट्रेनर अखिल पर फायरिंग करने के आरोपी गैंगस्टर गगनदीप सिंह ने नया खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि अपने पिता की बेइज्जती का बदला लेने के लिए बाउंसर मीत की हत्या करवाई थी।
5 जुलाई 2016 को सेक्टर-26 स्थित फ्लैक्सिटी जिम में नयागांव निवासी गगनदीप सिंह, मोहाली के तियूड़ गांव निवासी मुनीष कुमार उर्फ मनी, परीक्षित व गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी बाउंसर मीत को मारने पहुंचे थे। इस दौरान जिम ट्रेनर अखिल सामने आ गया तो उस पर गोलियां बरसा दीं। हालांकि कई गोलियां लगने के बावजूद अखिल की जान बच गई थी। इसके बाद 8 मई 2017 को बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी स्थित मंदिर गया था तभी छत बनूड़ निवासी लाडी, जीरकपुर निवासी मनी और नयागांव निवासी मनीष ने उसकी गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद जब मीत मंदिर से बाहर आया तो आरोपियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में एक आरोपी गुरी को छोड़कर सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी अब तक भगोड़ा है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि मीत की हत्या उन्होंने गगनदीप के कहने पर की थी।
पुलिस पूछताछ में गगन ने बताया कि जिम ट्रेनर अखिल को गोलियां मारने के मामले में उसके पिता ने मीत को समझौता करने के लिए कहा था। मीत ने कहा था कि सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में इसके लिए आपको सबके सामने पैरों में पगड़ी रखकर मांगी मांगनी होगी। इसके बाद उसके पिता ने अदालत में सबके सामने मीत के पैरों में पगड़ी रख दी लेकिन मीत ने कहा कि वह उसे (गगन) मारेंगे भी और बेइज्जत भी करेंगे। वहीं समझौते से भी इनकार कर दिया। गगन ने कहा इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने अंबाला जेल में रहते हुए साजिश रच मीत की हत्या करवाई।
गगनदीप सिंह बीते 23 फरवरी को अंबाला जेल से जमानत पर बाहर आया था। सेक्टर-26 के जिम में जिम ट्रेनर अखिल को गोलियां मारकर घायल करने के मामले में गगनदीप को 7 साल की सजा हो चुकी है। उसने पुलिस को बताया कि उसे गौरव पटियाल उर्फ लक्की गैंग मारने की फिराक में थे इसलिए बचाव के लिए उसने ये हथियार रखे थे। लक्की पटियाल बाउंसर मीत का खास दोस्त है। लक्की ने दोस्त का बदला लेने के लिए हत्याकांड में शामिल अमनदीप सिंह उर्फ मनी और लाडी पर गोलियां चलाने का भी प्रयास किया लेकिन उनके धोखे में कुछ कार सवार युवकों को गोली लग गई और उनकी मौत हो गई। बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए लक्की गैंग ने कहा था कि यह लोग गलती से मारे गए। वह अमनदीप और लाडी को मारने वाला था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मीत की हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद नाभा जेल में गगनदीप की मुलाकात गैंगस्टर विक्की गौंडर से हुई थी। गगनदीप और गौंडर एक ही बैरक में बंद थे। गगन ने पूछताछ में बताया कि उसे पता था गौंडर जेल से भागने वाला है। इसमें गौंडर का कौन-कौन साथ दे रहा है, इसकी भी जानकारी उसे थी। विक्की गौंडर की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।