नरवाना की मोरपत्ती कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय मोहित अपने चाचा सुरेंद्र के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जींद के एक स्कूल में दसवीं की ओपन परीक्षा देने आ रहा था। सोमवार को मोहित का हिंदी का पेपर दोपहर बाद होना था। नरवाना से बाइक पर दोनों जींद के लिए निकले। जब यह लोग घसो गांव के पास पहुंचे तो तीन मोटरसाइकिलों पर सवार युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया।
जब दोनों को शक हुआ कि युवक उनका पीछा कर रहे हैं तो उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल की गति तेज कर दी। जब यह लोग उचाना बस स्टैंड के पास पहुंचे तो भीड़ होने के कारण उनकी मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और उनकी बाइक वहां खड़ी एक क्रूजर से टकरा गई। इसके बाद दोनों गिर गए। गिरने से पीछा कर रहे युवकों ने उनको घेर लिया, जब मोहित उठकर भागने लगा तो युवकों ने उस पर चाकुओं से हमला कर दिया।
सभी युवकों ने मोहित पर ताबड़तोड़ चाकू मारने शुरू कर दिए। इसके बाद जब उसके चाचा सुरेंद्र ने बीच-बचाव करना चाहा तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। बस स्टैंड पर मौजूद लोगों को अपनी तरफ आता देखकर हमलावर फरार हो गए। दोनों को गंभीर हालत में उचाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मोहित को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर उचाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने मृतक मोहित के चाचा सुरेंद्र की शिकायत पर गांव डूमरखां खुर्द निवासी रमन, दिनेश, माली, बटिष्ठा, रवि व सन्नी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मृतक मोहित के चाचा सुरेंद्र ने बताया कि दो साल पहले इन युवकों के साथ मोहित की किसी बात को लेकर तकरार हो गई थी। तकरार के चलते ही उक्त युवक मोहित से रंजिश रखते थे। इसी कारण इन युवकों ने मोटरसाइकिलों पर आकर मोहित की हत्या कर दी। चौकी इंचार्ज राज महेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र की शिकायत पर आठ युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
खेती करते हैं पिता और भाई
पुलिस के अनुसार मोहित के पिता व बड़ा भाई खेती कर अपने परिवार को पालन-पोषण कर रहे हैं। मोहित भी पढ़ाई में ज्यादा होशियार नहीं था। ऐसे में परिजन उसे ओपन से दसवीं करवाना चाहते थे, लेकिन परीक्षा के बीच में ही उसकी हत्या कर दी गई।