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बस में छेड़छाड़ मामले में रोहतक सिस्टर्स को पुलिस का झटका

Thu, 27 Aug 2015 08:20 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़(हरियाणा)
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बहुचर्चित और राजनीति गलियारों में हलचल मचा देने वाले चलती बस में रोहतक सिसटर्स से छेड़छाड़ मामले में कथित पीड़िताओं को पुलिस का झटका लगा है। दरअसल हरियाणा पुलिस महानिदेशक वाईपी सिंघल ने रोहतक सिस्टर्स मामले में जांच करने वाली सभी पुलिस टीमों को क्लीन चिट दी है।
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उन्होंने कहा है कि पीड़ित लड़कियों को इस मामले में पूरा पक्ष रखने का मौका दिया गया। इसके बावजूद मामला अदालत में विचाराधीन है। अदालत का फैसला पुलिस के लिए मान्य होगा।

इस साल फरवरी महीने में रोहतक में दो बहनों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच रोहतक पुलिस, स्टेट क्राइम ब्यूरो और अन्य टीमों ने की। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों बहनों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाया। इसमें वह फेल हो गईं।
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पुलिस ने घटना की जांच के बाद पेश किए गए चालान में आरोपी लड़कों को क्लीन चिट दे दी। इसके बाद पीड़ित लड़कियों ने पुलिस की सभी जांच टीमों पर जांच में भेदभाव का आरोप लगाया था।

पीड़ित लड़कियों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाया था

पीड़ित लड़कियों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए अदालत में याचिका दायर की है। इस मामले पर बोलते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक सिंघल ने पुलिस जांच टीमों को क्लीन चिट दी।

उन्होंने कहा कि पुलिस की सभी टीमों ने इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की। जांच के दौरान किसी भी पहलू की अनदेखी नहीं की गई।

जांच में दोनों बहनों को अपना पक्ष रखने का एक बार नहीं कई बार मौका दिया गया। पुलिस का यह प्रयास है कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय न हो और पीड़ित को इंसाफ मिले।

इस मामले में सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद जो रिपोर्ट सामने आई उसे ही पेश किया गया है। पुलिस महानिदेशक ने पीड़ितों द्वारा पुलिस टीमों पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पुलिस ने पूरी तरह निष्पक्षता के साथ अपना काम किया है।
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कथित छेड़छाड़ मामले में डीएसपी को नोटिस

उध्‍ार रोडवेज बस में दो बहनों से कथित छेड़छाड़ के मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेएम अश्विनी कुमार की अदालत में तीनों आरोपियों ने हाजिरी लगाई।

पूजा और आरती के वकील अतर सिंह पंवार ने बताया कि कोर्ट ने दोनों बहनों की दरख्वास्त को रिकॉर्ड में शामिल नहीं करने के चलते जांच अधिकारी डीएसपी यशपाल खटाना को नोटिस जारी किया है। साथ ही चालान को कोर्ट ने जांच के लिए अपने पास रखा है। चालान रिपोर्ट स्टडी करने के बाद उसकी कॉपी आरोपियों को मुहैया कराई जाएगी।

एक बहन का एमसीए में एडमिशन
पीड़ित दोनों बहनों में से आरती ने गुड़गांव के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में एमसीए में दाखिला लिया है। उसने पढ़ाई शुरू कर दी है। जबकि दूसरी बहन पूजा का बीसीए में री-अपीयर आने से अभी तक एडमिशन नहीं हो सका है।
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