भिवानी जिले के आंखों के अस्पताल में फार्मासिस्ट ने एक जीएनएम छात्रा से गंदी हरकत कर दी। उपस्थित लोगों ने भी फार्मासिस्ट की अच्छी खासी धुनाई कर दी।
सोमवार सुबह करीब साढे़ नौ बजे पल्स पोलियो अभियान में सुपरवाइजर बनाए गए फार्मासिस्ट की छात्रा ने पिटाई शुरू कर दी। बाद में उपस्थित लोगों ने भी फार्मासिस्ट की अच्छी खासी धुनाई कर दी। इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है।
जालान अस्पताल में अचानक एक जीएनएम की छात्रा ने पोलियो टीम के सुपरवाइजर और फार्मासिस्ट की सेंडिल से पिटाई शुरू कर दी। छात्रा ने फार्मासिस्ट पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। छेड़छाड़ के आरोप सुनते ही मौके पर मौजूद लोगों ने भी फार्मासिस्ट की धुनाई शुरू कर दी। खूब हंगामा हुआ। फार्मासिस्ट को वहां कर्मचारियों ने छुड़वाया।
लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद छात्रा के परिजन भी जालान अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि दो दिन से उससे छेड़छाड़ की जा रही थी। छात्रा ने बताया कि उक्त फार्मासिस्ट ने पहले उसे कहा कि तुम्हें दूसरे बूथ पर ड्यूटी देनी है।
इस बहाने वह उसे और उसकी दो-तीन छात्राओं को गाड़ी में ले गया। ड्यूटी बताकर अन्य छात्राओं को रास्ते में उतार दिया और उसे हुडा पार्क के पास ले गया। जहां उससे छेड़छाड़ का प्रयास किया।
अस्पताल में भी छेड़छाड़ के बाद छात्राओं ने कर दी पिटाई
वहां एक पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात था। जिसके बाद उसने फार्मासिस्ट को पुलिस के सामने सबकुछ बताने की बात कही तो वह उसे वापस छोड़कर जाने को तैयार हुआ। जालान अस्पताल में भी उससे छेड़छाड़ की। जिस कारण उसने यह कदम उठाया। देर सायं छात्रा के परिजन हॉस्टल में चिकित्सकों से मामले में कार्रवाई के लिए बातचीत कर रहे थे। उक्त फार्मासिस्ट सरकारी फार्मासिस्टों की एसोसिएशन में भी पदाधिकारी है।
बब्बल रोहिला, प्रिंसिपल जीएनएम कोर्स, सामान्य अस्पताल ने बताया कि छात्रा ने पहले कोई शिकायत नहीं की। आज सुबह उन्हें घटना के बारे में पता लगा। घटना के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। मंगलवार को विभाग के अधिकारी छात्रा से बातचीत करेंगे।
डा. श्रीराम सिवाच, प्रधान चिकित्सा अधिकारी सामान्य अस्पताल ने बताया कि छात्रा के साथ छेड़छाड़ व फार्मासिस्ट की पिटाई मामले की सूचना मिली है। मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। जिसे तीन दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जिसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।