रात को लगभग 9:30 बजे उसके बेटे का ससुर बाबूलाल, साला संदीप, अनूप और 7-8 अन्य गाड़ी से आए। उनके साथ तीन पुलिसकर्मी भी आए थे। बताया जा रहा है कि वो अपनी बेटी मनीषा को लेने आए थे। रात को भेजने से मना करने पर विवाद हो गया। इस दौरान बाबूलाल, संदीप और अनूप व अन्य साथियों ने उसके बेटे संदीप (फौजी) पर चाकू और तेज धार हथियार से हमला कर दिया।
इस दौरान वह स्वयं, छोटा बेटा राहुल और भाई का लड़का पंकज पर भी चाकुओं से वार किया। वारदात में उसके बेटे संदीप की मौत हो गई जबकि वो तीनों घायल हो गए। घायलों को कनीना अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां से उसको प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया और आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।
घायल पुलिस कर्मचारी ने मृतक के परिजनों पर जानलेवा हमला का लगाया आरोप
पुलिस कर्मचारी तपेंद्र ने दी शिकायत में बताया कि वह कनीना में बतौर अनुसंधानकर्ता तैनात है। मंगलवार की शाम को सरकारी गाड़ी में पड़ताल क्षेत्र में मौजूद था। तभी गांव झाड़ली की मनीषा ने कनीना थाने में फोन किया कि उनके ससुराल वालों ने उन्हें कमरे में बंद कर रखा है और मार-पिटाई भी की है।
सूचना पाकर अनुसंधानकर्ता तपेंद्र अपने साथियों सहित झाड़ली पहुंचे। जहां मनीषा का पूरा परिवार हाजिर था। उन्होंने परिवार को समझाने की कोशिश की। उसी समय संदीप, उसका भाई राहुल, शिव कुमार तथा तीन-चार अन्य आदमी मौजूद थे। जिन्होंने उसको (तपेंद्र) घर में बंद कर दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी। उनके पास जरूरी कागजात थे वो सारे छीन लिए।
पुलिस मुलाजिमों ने तपेंद्र को कमरे से बाहर निकाला। उन्होंने पुलिस में कहा है कि उसी दौरान राहुल ने अपने हाथ में लिये तेजधार हथियार से सिर पर जानलेवा हमला किया, जान से मारने की धमकी दी। जिससे तपेंद्र घायल हो गया। जब तपेंद्र के साथियों (मुलाजिमों) ने इलाज के लिए तपेंद्र को गाड़ी में ले जाना चाहा तभी उन लोगों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और पथराव भी किया। गाड़ी के शीशे भी तोड़ डाले।