गुरदासपुर के गांव अब्बलखैर कालोनी के रहने वाले एक व्यक्ति ने बैंक से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसे इलाज के लिए गुरदासपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसने लिखा है कि वह बैंक के एक कर्मचारी की प्रताड़ना से तंग होकर सुसाइड कर रहा है।
मृतक ने कोरोना महामारी से पहले बैंक से अपनी पत्नी के नाम पर 50 हजार रुपये का लोन लिया था। इस संबंध में पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान पर बैंक कर्मचारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक की पहचान यशपाल गिल के रूप में हुई है।
मृतक के भाई राज कुमार ने बताया कि उसके बड़े भाई यशपाल गिल ने कोरोना महामारी से पहले गुरदासपुर के एक बैंक से 50 हजार रुपये का लोन अपनी पत्नी के नाम पर लिया था। उनका भाई समय-समय पर किस्तें भी देता आ रहा था। मगर अचानक कोरोना महामारी के कारण भाई का कामकाज ठप हो गया। जिसके बाद घर की आर्थिक हालत इतनी बुरी हो गई कि वह बैंक का लोन उतारने से असमर्थ हो चुका था। हालांकि बैंक का एक कर्मचारी भाई को लोन उतारने के लिए परेशान करने लगा। उनका भाई मानसिक तौर पर परेशान रहता था।
उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही बैंक कर्मचारी उसके भाई के घर आया और लोन के पैसे अदा करने को लेकर धमकी देने लगा। बैंक कर्मचारी की धमकियों से परेशान होकर उसके भाई ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। वह तुरंत गुरदासपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां उनके भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनके भाई से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। चौकी बरियार के प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी आशा के बयान के पर बैंक कर्मचारी रशपाल भगत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है।