पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-37 राहुल मेहता की कोठी को अरविंद सिंगला और खलिंदर कादियान ने जीपीए के जरिए अपने नाम करवा लिया था। इसमें 33 प्रतिशत हिस्सेदारी अरविंद की थी। इसके बाद इन लोगों ने सौरभ गुप्ता को 3.85 करोड़ में कोठी बेच दी। अरविंद के हिस्से में कुल 1.28 करोड़ आए थे। इस आरोप के तहत पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जब आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पुलिस ने अरविंद पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।
ये आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से दूर
मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें मुख्य आरोपी संजीव महाजन के अलावा मनीष गुप्ता, डीएसपी रामगोपाल का भाई सतपाल डागर, थाना-39 थाने के तत्कालीन प्रभारी राजदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह (नकली राहुल मेहता) और शराब कारोबारी अरविंद सिंगला शामिल हैं। इनके अलावा पुलिस को अब आरोपी शेखर, दलजीत सिंह उर्फ रूबल, सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह कादियान और अशोक अरोड़ा की तलाश है। इनमें से खलिंदर और सौरभ गुप्ता पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित है।
सेक्टर-26 पुलिस सिंगला का लेगी प्रोडक्शन रिमांड
उधर, चचेरे भाई व भाभी से करोड़ों की धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में फंसे अरविंद सिंगला को सेक्टर-26 पुलिस तलाश कर रही थी। मामले में पुलिस ने अरविंद के अकांउंटेंट विकास को गिरफ्तार किया है, जबकि इस केस में अरविंद को सेक्टर-26 पुलिस जल्द ही प्रोडक्शन रिमांड पर लाएगी।
बता दें कि अंबाला कैंट निवासी श्वेता सिंगला ने बताया था कि उनके पति दीपक सिंगला ने अपने चचेरे भाई अरविंद सिंगला के साथ अगस्त 2015 को बेल इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली थी। 60 प्रतिशत पार्टनरशिप अरविंद सिंगला और 40 प्रतिशत उनके पति की थी लेकिन कुछ समय बाद उनकी कंपनी डूबने लगी। जून 2016 में दीपक को गोली लगी। वह मोहाली फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुआ तो अरविंद ने धोखे से श्वेता का हस्ताक्षर लेकर खुद कंपनी से बाहर हो गया ताकि वह डूबती कंपनी में देनदारी से बच सके।