पिछले साल अप्रैल में एक ढाबे पर खाने को लेकर हुए विवाद में ट्रक ड्राइवर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी मनोज कुमार को जिला एवं सत्र न्यायालय एसके अग्रवाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही उसे आर्म्स एक्ट 27 में भी दोषी करार देते हुए 7 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने दोषी पर 27 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी मनोज छतबीड़ जू में बतौर गार्ड काम करता था। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
वारदात 19 अप्रैल 2015 की रात की है। बापूधाम स्थित ट्रांसपोर्ट एरिया के एक ढाबे पर 22 वर्षीय ट्रक ड्राइवर हरिहर अपने चाचा के साथ खाना खा रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की टाटा सफारी से मनोज वहां पहुंचा।
मनोज छतबीड़ जू में बतौर गार्ड काम करता था। वहां उसने भी खाने का आर्डर दिया। इस दौरान वहां काम करने वाले ने मनोज के बजाय पहले हरिहर को रोटी दे दी। इसे लेकर वह गुस्सा करने लगा और हरिहर से जाकर उलझ गया। हरिहर ने इसका विरोध किया तो मनोज ने पिस्टल निकालकर उसके सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने मनोज को हिमाचल के हमीरपुर जिले से गिरफ्तार किया था।