बेटी ने बताया था कि सुमित ने शिक्षिका के कहने पर उसके घर में उसके साथ कई बार गलत काम किया था। बाद में वह उसे गोली खिला देते थे। आरोपी उसके घर में तब गलत काम करता था जब शिक्षिका की मां व भाई वहां नहीं होते थे। उन्होंने उसके फोटो भी खींचे। वह विरोध करती तो वह उन्हें वायरल करने की धमकी देते थे। बाद में सुमित व युवती ने अपने दोस्त चरणजीत को भी बुला लिया था।
उन्होंने उसे डराकर उसके साथ आरोपी चरणजीत के घर भेज दिया था। वहां पर आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया था। इस पर उन्होंने सिटी थाना पुलिस को अवगत कराया था। सिटी थाना पुलिस ने दोनों युवकों व ट्यूशन शिक्षिका के खिलाफ दुष्कर्म, 6 व 17 पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
तत्कालीन महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमिला की टीम ने आरोपी चरणजीत को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में आरोपी सुमित व युवती को भी गिरफ्तार किया गया था। तीनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने तीनों को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को 6 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना और भादंसं की धारा 506 में सात-सात साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। तीनों दोषियों की जुर्माना राशि में से 50-50 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना न देने पर 19 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।