टीकरी बॉर्डर व बहादुरगढ़ में अब तक 14 आंदोलनकरियों की मौत हो चुकी है। इनमें से 10 की मौत हार्ट अटैक और बीमारी से हुई तो वहीं तीन की विभिन्न दुर्घटनाओं में हुई। एक आंदोलकारी वकील ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।
1. 28 नवंबर को बहादुरगढ़ बाईपास पर पंजाब के जिला बरनाला के गांव धनवाला मंडी निवासी ट्रैक्टर मिस्त्री जनकराज की जान गई। (कार में आग लगने से जले)
2. 29 नवंबर की रात पंजाब के जिला लुधियाना के गांव खटरा भगवानपुरा के किसान गज्जन सिंह की अचानक मौत। (हार्ट से हुई मौत)
3. 01 दिसंबर की रात पंजाब के मानसा जिला के बचुआना गांव निवासी गुजरंट सिंह की जान गई। (रात को हुआ अचानक पेट व छाती में दर्द)
4. 03 दिसंबर को तलवंडी जिला बठिंडा निवासी लखबीर सिंह की जान गई। (हृदयाघात का अनुमान)
5. 08 दिसंबर पंजाब के जिला मोगा के निहाल सिंह वाला क्षेत्र के किसान मेवा सिंह की जान गई। (सड़क हादसे में मौत)
6. 10 दिसंबर को पंजाब के जिला संगरूर के कस्बा धुरी निवासी किसान कृष्ण लाल की जान गई (हार्ट से हुई मौत)