मंत्री आवास के बाहर पुलिस, महिला ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान।
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महिला कोच से छेड़छाड़ के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने बुधवार को सेक्टर-7 स्थित हरियाणा के राज्य मंत्री संदीप सिंह की कोठी पर पहुंची। एसआईटी के साथ शिकायतकर्ता महिला कोच भी मौजूद थी। पुलिस ने घटना के सीन को रीक्रिएट कराया। साथ ही पुलिस पर संदीप सिंह को गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
बुधवार सुबह जब शिकायतकर्ता महिला कोच अदालत में बयान दर्ज कराने पहुंची तो संदीप सिंह की सेक्टर-7 स्थित कोठी के पास पुलिस की हलचल बढ़ गई। सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन के एसएचओ मनिंदर सिंह कोठी के पास पहुंचे और इलाके में बैरिकेडिंग शुरू करा दी। रस्सियों से कुछ रास्तों को बंद कर दिया गया। इसके बाद करीब एक बजे एसआईटी की एक टीम मंत्री की कोठी पर पहुंची। डीएसपी पलक गोयल शिकायतकर्ता महिला कोच के साथ कोठी के अंदर गईं। शिकायतकर्ता की मदद से पुलिस ने घटना के सीन को रीक्रिएट किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। महिला कोच के वकील दीपांशु बंसल भी बाहर खड़े रहे।
बता दें कि महिला कोच से छेड़छाड़ के आरोप में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने 31 दिसंबर को संदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। डीजीपी ने एसपी सिटी श्रुति अरोड़ा की निगरानी में डीएसपी ईस्ट पलक गोयल के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है, जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पीड़िता के वकील ने दीपांशु बंसल ने कहा कि 31 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था लेकिन अब तक संदीप सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है। समझ नहीं आ रहा है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही। अगर कोई आम आदमी होता तो अब तक जेल में होता। संदीप सिंह की कोठी में पीड़िता को ले जाने के सवाल पर दीपांशु ने कहा कि अगर संदीप सिंह कोठी में हैं। इसके बावजूद पुलिस शिकायतकर्ता को अंदर लेकर गई हैं तो वह हाईकोर्ट का रुख करेंगे कि उन्होंने ऐसा किस आधार पर किया।
किसी को नहीं दी जा रही वीआईपी ट्रीटमेंट: एसएसपी
केस दर्ज होने के बाद भी संदीप सिंह की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने के सवाल पर एसएसपी मनीषा चौधरी ने कहा कि एसआईटी शिकायतकर्ता के तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है जो भी अंतिम निष्कर्ष निकलेगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा। कानून के तहत ही सभी तरह ही कार्रवाई की जा रही है।
31 दिसंबर को केस दर्ज हुआ तो जांच के लिए डीएसपी की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया। अब एसआईटी ही सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शिकायतकर्ता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हो चुके हैं। सीन का रीक्रिएशन भी किया जा चुका है। जांच ठीक तरीके से जारी है।