सूफी गायक हंसराज हंस के सुरक्षाकर्मी ने वीरवार-शुक्रवार की रात लगभग ढाई बजे खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना गायक की लिंक रोड स्थित कोठी पर घटी। कोठी पर तैनात दूसरे सुरक्षाकर्मी गुरबख्श सिंह ने पुलिस को सूचना दी। खुदकुशी का कारण पता नहीं चल सका है।
तरनतारन के गांव तुंग निवासी जसबीर सिंह पंजाब पुलिस में हवलदार था। जसबीर सिंह बतौर सुरक्षाकर्मी हंसराज हंस की कोठी पर छह साल से तैनात था। उसके पास एक-47 थी, जिसमें एक साथ 25 गोलियां लोड होती हैं।
गुरबख्श ने बताया कि उसकी दिन की ड्यूटी थी, इसलिए कोठी के बाहर बने सुरक्षा टेंट में वह सो रहा था। जसबीर नाइट ड्यूटी पर था। रात के समय जसबीर ठीक था और उस पर कोई तनाव भी नहीं दिखा था।
रात 2.25 बजे उसने गोलियां चलने की आवाज सुनी और उठकर देखा तो जसबीर खून से लथपथ पड़ा था। घटनास्थल से पुलिस को 23 गोलियों के खोल मिले हैं।
जसबीर सिंह की पत्नी तरनतारन में सरकारी स्कूल में टीचर है। एक बेटा न्यूजीलैंड में रहता है, जबकि दूसरा बीसीए कर रहा है। पुलिस खुदकुशी के कारणों की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में घरेलू परेशानी में तनाव होना बताया जा रहा है।
देवदत्त शर्मा, एसीपी सेंट्रल ने बताया कि यह सुसाइड का मामला है। गोली मुंह के नीचे से रखकर चलाई गई है। एके-47 का ट्रिगर दबाने पर 25 गोलियां चंद सेकेंड में निकल आती हैं। एक गोली लगने के बाद एके-47 हिल गई और बाकी गोलियां इधर-उधर चल गईं।