मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल से कोई गैंगस्टर गिरोह संचालित न कर सके इसको लेकर पुलिस सतर्क हो गई है। भरतपुर की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई पर शिंकजा कस सकता है। इसको लेकर पुलिस अधिकारी गंभीर है।
लॉरेंस पर विशेष नजर रखने के लिए हरियाणा के डीजीपी ने राजस्थान के डीजीपी को पत्र भेजा है। इसके अलावा दिल्ली और यूपी के पुलिस अधिकारियों को भी पत्र भेजा जाएगा। पत्र में लॉरेंस से मिलने वालों पर पूरी नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा गिरोह के फरार चल रहे सदस्यों को डीजीपी ने जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है।
रोहतक के गांव कारौर के आनंद पहलवान हत्याकांड में सीआईए-2 ने भरतपुर की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नजदीकी गैंगस्टर संपत नेहरा को रिमांड पर लिया हुआ था। संपत ने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए थे। उसने बताया था कि आनंद को मारने के लिए उसी ने शूटर हनी को कारौर भेजा था। दो दिन के रिमांड के बाद कोर्ट के आदेश पर संपत को सुनारिया जेल भेज दिया गया था।
डीजीपी बीएस संधू ने बताया कि जेल में बंद बदमाश अब जेलों के अंदर से गिरोह को संचालित नहीं कर सकेंगे। संपत और गिरोह के अन्य सदस्यों को हरियाणा पुलिस ने हैदराबाद पुलिस के सहयोग से पकड़ा है। भरतपुर की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई जेल से ही गिरोह को फिर से संचालित न कर दे, इसको लेकर राजस्थान के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। ताकि उससे मिलने वालों पर नजर रखी जा सके।
डीजीपी ने बताया कि इसके अलावा यूपी, दिल्ली, पंजाब में बंद हरियाणा के कुख्यात बदमाशों पर विशेष निगरानी रखने को संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों के पास पत्र भेजा जा रहा है। वांछित बदमाशों को पकड़वाने में भी सहयोग मांगा जा रहा है। क्रांति गैंग और लॉरेंस बिश्नोई का लगभग खात्मा किया जा चुका है। जल्द फरार चल रहे सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।