प्रत्यक्षदर्शी शिवा ने बताया कि वह पैदल ही पुल पर से गुजर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर सीधे पानी में चली गई। गाड़ी के नहर में गिरते ही वहां से गुजर रही गाड़ियां रुक गईं। इसी दौरान कोई पानी में नहीं कूदा तो शिवा पानी में कूद गया। उसने कार खोलने की काफी कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका।
इसी दौरान पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई और तुरंत ही क्रेन को भी बुला लिया गया। करीब आधे घंटे तक कार पानी में ही रही। जब कार को बाहर निकाला तो चारों युवा अंदर ही थे। पुलिस ने चारों को अलग अलग निजी अस्पतालों में पहुंचाया। जहां डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चारों युवाओं के सिविल अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम
जांच के बाद देर रात को थाना सराभा नगर की पुलिस ने चारों युवाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिए। शुक्रवार की रात को ही लखनऊ में देवेश के परिजनों को सूचना दे दी गई थी। शनिवार सुबह भवनीत और सान्या के पोस्टमार्टम के साथ-साथ पुलिस ने कशिश के शव का भी पोस्टमार्टम कराया। इतने में पुलिस को जानकारी मिली कि दो दिन पहले ही महानगर में आईलेट्स की पढ़ाई करने आए देवेश के परिजन भी महानगर पहुंच चुके हैं। जिसके बाद शाम को पुलिस ने देवेश के शव का भी पोस्टमार्टम कराया।
परिजनों की उजड़ गई दुनिया
महानगर के कारोबारियों के बच्चों की इस भयानक सड़क हादसे में मौत की खबर से हर कोई सन्न था। परिवार से दुख साझा करने के लिए लोग सिविल अस्पताल परिजनों से मिलने पहुंचे। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। भवनीत और सान्या की मौत के बाद परिवार के लिए कोई सहारा नहीं रहा। जबकि कशिश भी अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। लखनऊ से पढ़ाई के लिए पहुंचा देवेश भी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।