बता दें कि गिरफ्तार आतंकियों में कुलबीर सिंह, हीरा सिंह व दविंदर सिंह शामिल थे। तीनों तरनतारन के गांव चंबा कलां के रहने वाले हैं। तीनों फिलीपींस में रह रहे आतंकी यादविंदर सिंह के संपर्क में थे। यादविंदर सिंह कनाडा में बैठे आतंकी लखबीर सिंह लंडा के लिए काम करता है। यह आरपीजी उसी ने मुहैया करवाया था। थाना सरहाली पर हुए आरपीजी हमले के मामले में दूसरे फेस में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें गुरप्रीत सिंह गोपी, जोबनप्रीत सिंह, गुरलाल सिंह गहला, सुरलालपाल सिंह, अजमीत सिंह मीता व दो नाबालिग शामिल हैं।
नाबालिगों को केंद्रीय बाल सुधार गृह भेजा गया है। सरहाली थाने पर नाबालिगों ने ही आरपीजी दागा था। इस षड्यंत्र में सतबीर सिंह सत्ता और गुरदेव सिंह जस्सल के नाम भी आए थे। ये दोनों यूरोप के किसी देश में छिपे हैं। सरहाली अटैक मामले में पुलिस अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शामिल छह से अधिक नाबालिगों को हिरासत में लेकर सुधरने का मौका देते हुए गांव की पंचायतों के सामने रिहा किया गया है।
लखबीर सिंह लंडा ने आतंकी हमले के लिए विदेश से की थी फंडिंग
एसएसपी चौहान के अनुसार आरपीजी हमले के मामले में कुछ दिन पहले गिरफ्तार आतंकियों कुलबीर सिंह, हीरा सिंह और दविंदर सिंह ने पूछताछ में बताया कि कनाडा में बैठे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के आतंकी लखबीर सिंह लंडा ने उन्हें आतंकी हमले के लिए विदेश से फंडिंग की थी। इन आतंकियों ने अपने एक अन्य साथी का नाम उजागर किया तो सबसे पहले हरमन सिंह को गिरफ्तार किया गया।
हरमन से पूछताछ के बाद उसके साथियों कुलदीप सिंह, आकाशदीप सिंह और गुरसेवक सिंह को पकड़ा गया। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि थाना सरहाली के बाद आतंकियों ने किसी दूसरे जिले के एक और पुलिस थाने पर आरपीजी हमला करना था। एसएसपी ने कहा कि आतंकियों से पूछताछ में कई और जानकारियां मिली हैं। जल्द ही तीसरा आरपीजी भी बरामद कर लिया जाएगा।