भारतीय स्टेट बैंक से 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों ने मंगलवार को जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत से चारों को पिछले माह 28 अक्तूबर को ही अग्रिम जमानत के आदेश हुए थे। मंगलवार को आरोपियों ने 50-50 हजार रुपये के बेल बॉन्ड भरे। वहीं सीजेएम कोर्ट ने मामले में अन्य चार आरोपियों अलका, राजीव गोयल व अन्य को अगली सुनवाई 12 दिसंबर को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
सीजेएम कोर्ट में सरेंडर करने वालों में भारत भूषण जैन, सुहेल गोयल, सुरेंद्र मोहन सिंगला और प्रमोद कुमार शामिल थे। 28 अक्तूबर को ही चारों को जिला एवं सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली थी। सेशन कोर्ट ने चारों को अंतरिम राहत देते हुए सीबीआई इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने के भी आदेश दिए थे। सीबीआई ने 16 अक्तूबर को ही मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र में भागीदारी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आर्थिक अपराध की धाराओं में चालान पेश किया था।
यह है मामला
22 मई 2014 को एसबीआई के जनरल मैनेजर कुमार श्रृदिंदू ने दिल्ली सीबीआई की खास व्यवसायिक शाखा को दी शिकायत में कहा कि सूर्या फार्मा के डायरेक्टरों ने बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। सीबीआई ने 3 जून 2014 को मामले में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में सूर्या फार्मा के डायरेक्टर अलका, राजीव गोयल, सुहेल गोयल के साथ ही हरि ओम भाटिया, मुक्ता सेठ, प्रमोद अग्रवाल और अन्य को आरोपी बनाया गया था। सूर्या फार्मास्युटिकल लिमिटेड के डायरेक्टर पंचकूला निवासी अलका और राजीव गोयल ने बैंक से लोन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए अलका ने कंपनी के टर्नओवर संबंधी फर्जी रिपोर्ट जमा कराई थी।