चार लोगों को वक्फ बोर्ड में या डीजीपी कोटे से सीधे सिपाही लगवाने के नाम पर 10.49 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस ब्यूरो ने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य और उसके निजी सहायक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लाल हुसैन और मुहब्बत मेहरबान के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ मोहाली के फेज-1 स्थित विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वॉयड थाने में केस दर्ज किया गया है।
आरोपियों के बारे में संदीप कुमार निवासी गांव चानन वाला जिला फाजिल्का ने भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लाल हुसैन और मुहब्बत ने उसे विश्वास दिलाया था कि उनकी अच्छी पहुंच है। वे उसके भाई, बहन, साले और दोस्त को वक्फ बोर्ड में या डीजीपी पंजाब के सीधे कोटे के तहत सिपाही के तौर पर नौकरी दिला देंगे। इस काम के बदले उन्हें पैसे देने होंगे।
उन्होंने उससे प्रति व्यक्ति सात लाख रुपये की मांग की, जबकि उससे पहले ही तीन किस्तों में 10.49 लाख रुपये ले चुके हैं। हालांकि उसे आरोपियों पर संदेह हो गया था ऐसे में उसने उनसे हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग अपने पास रख ली थी। यह शिकायत भी उसने अपने पास रखी थी। विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद इस मामले की जांच की। आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस अब इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर आरोपियों ने कितने लोगों को शिकार बनाया है।
आरोपी कांग्रेस सरकार के समय रहा है सदस्य
विजिलेंस जांच की सामने आया है कि आरोपी लाल हुसैन कांग्रेस सरकार के दौरान फरवरी 2020 से फरवरी 2023 तक अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य रहा है। याद रहे कि इससे पहले भी नयागांव मोहाली से एक व्यक्ति काबू किया गया था जो डीजीपी आफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था।